
नई दिल्ली, मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन के होने वाले बड़े घेराव और मार्च को सफल बनाने की रूपरेखा तैयार करने तथा चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं और नियमों में अवैध बदलावों के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक मोर्चा खोलने की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक महत्वपूर्ण बैठक की है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, राज्यों के प्रभारी, सभी प्रदेश अध्यक्ष और फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया.
बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग के खिलाफ पूर्व घोषित कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति पर विचार विमर्श था. बैठक में शीर्ष नेतृत्व ने सभी राज्य इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे जिला और ब्लॉक स्तर तक आंदोलन को तेज करें. बैठक के दौरान विपक्षी समूह यानी इंडिया गठबंधन के घटक दलों के साथ समन्वय और संसद में सांसदों द्वारा किए जाने वाले विरोध मार्च को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई, ताकि सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाया जा सके.
बैठक में राहुल गांधी द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म सत्याग्रह की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिस पर महज दो दिनों में देश भर से तीस हजार से अधिक आंदोलनों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है.
