
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय एवं नियुक्ति अनियमितताओं, विजिटिंग फैकल्टी में अनियमितता, परीक्षा एवं परिणामों में देरी, छात्रों के साथ दोहरे मापदंड तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली की जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विगत कई दिनों से NSUI का आंदोलन लगातार जारी है।
*टेंट लगाते ही प्रशासन ने हटाया*
पूर्व सूचना के अनुसार आज विश्वविद्यालय गेट के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, धरना एवं सत्याग्रह शुरू किया जाना था। NSUI जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में जैसे ही टेंट लगाकर आंदोलन शुरू किया गया, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और टेंट को हटाकर आंदोलनकारियों को वहां से हटा दिया गया।
*गांधी प्रतिमा लेकर बैठे तो हिरासत में लिया*
इसके बाद पंकज उपाध्याय गांधी जी की प्रतिमा लेकर अकेले शांतिपूर्वक बैठ गए, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें भी वहां बैठने से रोकते हुए कहा गया कि “ऊपर से दबाव है, यहां बैठने नहीं दिया जाएगा।” इसके बाद उन्हें एवं उनके साथियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर बिछिया थाने ले जाया गया, जहां कई घंटे तक बैठाए रखा गया।
*लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन – NSUI*
इस पूरे घटनाक्रम को NSUI ने लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण धरना एवं सत्याग्रह को बलपूर्वक रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव गुरमीत सिंह मंगू, पार्षद मनीष नामदेव एवं ब्लॉक अध्यक्ष रामकीर्ति शर्मा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी भी थाने पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहे।
*तीन दिन में जांच नहीं तो जल सत्याग्रह*
पंकज उपाध्याय ने कहा कि “यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है। प्रशासन को तीन दिनों के भीतर विश्वविद्यालय में लगाए गए आरोपों एवं मांगों पर जांच कर ठोस निराकरण करना होगा। अन्यथा भूख हड़ताल के साथ जल सत्याग्रह सहित बड़े आंदोलन किए जाएंगे। जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।” उन्होंने पार्टी के अंदर से आंदोलन के खिलाफ बयान देने वाले कुछ पदाधिकारियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग लगातार कार्यक्रमों एवं बैठकों से अनुपस्थित रहते हैं, वे अब आंदोलन के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं।
