
ओंकारेश्वर। ज्योतिर्लिंग मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बने 45 वर्ष पुराने नर्मदा सेतु पुल को बिना सूचना बोर्ड लगाए बंद कर दिया गया। पुल की गुणवत्ता और लोड क्षमता की जांच के लिए सीआरआई दिल्ली की टीम पहुंची है।
यह पुल जेपी चौक से बड़ चौक को जोड़ता है और ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी का पहला पुल है। इसका निर्माण 1972 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम कौशिक और मप्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री जबर सिंह ने शुरू कराया था और 1979 में इसका लोकार्पण किया गया था। शिवपुरी और विष्णुपुरी को जोड़ने वाले इस पुल से अब तक करोड़ों श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर चुके हैं।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार पुल की निर्माण गुणवत्ता और आगामी सिंहस्थ मेले में श्रद्धालुओं के दबाव को देखते हुए इसकी भार सहन क्षमता की जांच की जा रही है।
