झाबुआ में नकली सोने के नाम पर ठगी का खेल

झाबुआ. मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में सोने का लालच देकर लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग नकली सोने के बिस्किट और गिन्नियां असली बताकर बाहरी राज्यों के लोगों को लाखों रुपये में बेचते हैं। बताया जाता है कि इस तरह की ठगी का यह कारोबार जिले में लंबे समय से चल रहा है। पुलिस समय-समय पर आरोपियों को गिरफ्तार करती है, लेकिन इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक कार्रवाई सीमित रहने के सवाल भी उठते रहे हैं।

बताया जाता है कि इस तरह की ठगी में कुछ लोग स्वर्णकारों से सोने जैसे दिखने वाले बिस्किट और गिन्नियां तैयार करवाते हैं। इसके बाद मजदूरी के लिए गुजरात, राजस्थान, गोवा, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में जाने वाले लोगों के माध्यम से संभावित शिकार की तलाश की जाती है। उन्हें बताया जाता है कि गांव की जमीन या पुराने मकान की खुदाई के दौरान सोना मिला है। विश्वास कायम करने के लिए पहले असली सोने का छोटा टुकड़ा भी दिया जाता है, ताकि उसकी जांच कराने के बाद व्यक्ति को भरोसा हो जाए। इसके बाद कम कीमत में बड़ी मात्रा में सोना देने का झांसा देकर उसे गांव बुलाया जाता है और उससे बड़ी रकम ऐंठ ली जाती है। बाद में खरीदा गया सोना नकली निकलता है।

हाल ही में ऐसा ही एक मामला झाबुआ कोतवाली में सामने आया। फरियादी जगदीशचंद्र पिता दलपतराम पाठक, निवासी धोलका, जिला अहमदाबाद, गुजरात ने पुलिस को बताया कि मजदूरी के दौरान उसकी मुलाकात मानसिंह भील से हुई थी। मानसिंह ने उसे बताया कि उसकी चाची को पुराने मकान की खुदाई के दौरान सोने के बिस्किट मिले हैं। उसने जगदीशचंद्र को सोने के कुछ टुकड़े भी दिए, जिन्हें फरियादी ने ज्वेलर्स से जांच करवाया और वे असली सोने के बताए गए।

इसके बाद जगदीशचंद्र कम कीमत में सोने के बिस्किट खरीदने के लिए तैयार हो गया। वह झाबुआ जिले के पिटोल पहुंचा, जहां उसने मानसिंह, उसकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति को 4 लाख 90 हजार रुपये दिए। आरोपियों ने उसे सोने के बिस्किट सौंप दिए। बाद में जब फरियादी ने इन बिस्किटों की जांच करवाई तो वे नकली पाए गए। ठगी का एहसास होने पर उसने झाबुआ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 940/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में प्रकरण दर्ज किया।

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए महिला आरोपी रोशना पति नाजु डामोर, उम्र 35 वर्ष, निवासी आमलिफलिया को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए है। मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

इस तरह की ठगी से बचने के लिए लोगों को सस्ते दाम पर मिलने वाले कथित सोने के बिस्किट या गिन्नियों के लालच में नहीं आना चाहिए। किसी भी सोने की खरीद से पहले अधिकृत ज्वेलर्स या मान्यता प्राप्त जांच केंद्र से उसकी प्रमाणिकता की जांच कराना जरूरी है। साथ ही, मामले में यदि नकली सोना तैयार करने या उपलब्ध कराने वाले अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो पुलिस द्वारा उनकी भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की ठगी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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