
अनूपपुर, मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की सरई पुलिस चौकी से 60 किलोमीटर दूर और उमरिया जिले के घनघुटी गांव से 16 किलोमीटर पहले छोटी तुम्मी ग्राम पंचायत के अमोदा गांव में शनिवार की सुबह दिल दहला देने वाली घटना में नाना-नानी के घर रह रहे 32 वर्षीय युवक प्रेम सिंह गोंड निवासी नौरोजाबाद उमरिया ने अचानक अपनी ही 70 वर्षीय नानी भन्नी बाई गोंड और बीच बचाव करने पहुंचे 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड पर डंडे से लगातार प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, वहीं बीच बचाव करने पहुंची 50 वर्षीय मां अनूपिया बाई पर भी हमला कर घायल कर दिया। इस घटना में 4 की मौत हो गई। वहीं इस दौरान युवक ने अपने मामा सहित उनकी 4 अन्य पर भी डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिनका वर्तमान में शहडोल में इलाज कराया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब पहुंच कर मौके पर निरीक्षण कर जायाजा लिया।
पुलिस के अनुसार, प्रेम सिंह गोंड कुछ समय से अपनी मां के साथ नाना-नानी के घर रह रहा था। शुक्रवार रात उसने गांव के मंदिर के पुजारी की भी पिटाई की थी।
पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार युवक प्रेम सिंह गोंड मानसिक विक्षिप्त है, जो अपनी मां के साथ किसी पारिवारिक कारणों में कुछ समय से अपने नाना-नानी के घर अमोदा में रह रहा था। शुक्रवार की रात करीब 1-2 बजे गांव के ही मंदिर पुजारी 62 वर्षीय गंगा सिंह पर अचानक डंडे से हमला किया था जिसमें पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों के साथ उन्हें उपचार के लिए अस्पताल के लिए भेजा था। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रेम सिंह गोंड को हाथ पैर बांधकर घर के पास बैठा दिया था। कुछ देर शांत रहने के बाद सुबह करीब 4 से 5 के बीच मां को लगा कि अब वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा उसके हाथ पांव की बंधी रस्सी की खोल दी। लेकिन कुछ समय बाद अचानक ही युवक पास रखे डंडे से अपनी नानी भन्नी बाई पर हमला कर दिया। इसी दौरान बीच बचाव के लिए उसके नाना संपत सिंह दौड़े, लेकिन युवक ने उसे पर भी ताबड़तोड़ डंडे से प्रहार करना शुरू कर दिया। दोनों वहीं जमीन पर गिर गए, घटना को देखकर मां अनूपिया बाई भी बीच बचाव के लिए दौड़ी लेकिन युवक ने उसे पर भी हमला कर दिया। यह क्रम पारिवारिक स्थिति में लगातार चलता रहा। इसके बाद युवक ने अपने मामा व उनकी 3 बेटियों पर भी डंडे से हमला किया जिसमें सभी को चोटे आई। प्राथमिक सूचना में नानी की मौत होने की जानकारी आई, लेकिन कुछ समय बाद मां और नाना की भी मौत होने की सूचना मिली। घटना के सूचना पर फॉरेंसिक टीम को भी गांव बुलाया गया जहां साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। घटनास्थल की घेराबंदी कर दिया गया है। शवों का पंचनामा तैयार करते आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
घायल चैन सिंह ने बताया कि पास में घर होने के बावजूद डर की वजह से लोग मदद के लिए आगे नहीं आए। हमले के दौरान बड़ी बेटी किसी तरह वहां से निकलकर जंगल की तरफ भागी। उसने चैन सिंह को पूरी घटना बताई। चैन सिंह घर की तरफ दौड़े। वहां पहुंचते ही प्रेम सिंह ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। प्रेम सिंह को पकड़कर दोबारा रस्सी से बांध दिया। तब तक संपत सिंह, भन्नी बाई और अनुपिया की मौत हो चुकी थी। सभी घायलों को शहडोल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। यहां मोनिका ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चैन सिंह के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में चोट आई है। बच्ची भारती की हालत गंभीर है। उसे आईसीयू में रखा गया है।
चैन सिंह ने बताया कि उनकी बहन अनुपिया का ससुराल उमरिया जिले के नौरोजाबाद के पास मरदरी गांव में है। उनके पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे हैं। प्रेम सिंह बड़ा बेटा है। प्रेम सिंह की मानसिक हालत ठीक नहीं है। अनुपिया भी तबीयत खराब होने के कारण करीब एक हफ्ते पहले इलाज कराने यहां आई थी। प्रेम सिंह तीन दिन पहले ही गांव आया था। प्रेम सिंह की शादी हो चुकी थी। वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इसी वजह से करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी।
मौके पर मेडिकल टीम पहुंची
पुष्पराजगढ़ बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया- बेनीबारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। शवों की जांच और फोटोग्राफी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर शवों को बेनीबारी में पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम घटनास्थल पर संभव है या शवों को बेनीबारी लाया जाएगा, यह फॉरेंसिक टीम के निर्देश और मौके की स्थिति के आधार पर तय होगा।
