मास्को, 03 अक्टूबर (स्पुतनिक/वार्ता) विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया भर में औसत जीवन प्रत्याशा लगभग कोविड-19 महामारी से पहले के स्तर पर वापस पहुंच गई है।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने 2000 से 2023 की अवधि के लिए देशों और क्षेत्रों के हिसाब से स्वास्थ्य से जुड़े रुझानों का अनुमान लगाया। इसमें जीवन प्रत्याशा, मृत्यु दर, बीमारी की दर और विभिन्न बीमारियों से जुड़े बदलाव शामिल हैं।
बयान में कहा गया है, “2023 में दुनिया भर में औसत जीवन प्रत्याशा 73.3 साल तक पहुंच गई जो 2019 में दर्ज 73.4 साल के करीब है।”
साल 2023 में दुनिया भर में होने वाली कुल मौतों में से 74 प्रतिशत मौतें गैर-संचारी रोगों के कारण हुईं, जबकि साल 2000 में यह आंकड़ा 58 प्रतिशत था।
इसी दौरान, डिमेंशिया से होने वाली मौतों की संख्या तीन गुना हो गई जबकि महामारी की शुरुआत के बाद से चिंता विकार और अवसाद से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई।
साल 2023 में, दुनिया भर में हुई 6.1 करोड़ मौतों में से 3.3 करोड़ मौतें 10 मुख्य कारणों से हुईं। इन 10 प्रमुख कारणों में से आठ कारण गैर-संचारी रोग थे।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, मौत के मुख्य कारणों में हृदयवाहिका संबंधी रोग, जिनमें इस्कीमिक हृदय रोग और स्ट्रोक शामिल हैं, साथ ही श्वसन संबंधी रोग, जिनमें क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और निचले श्वसन तंत्र के संक्रमण शामिल हैं।
