
सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के सख्त निर्देशों के अनुपालन में औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में प्रतिबंधित व नशीली दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ समानांतर कार्रवाई जारी रखी है। इसी क्रम में बंडा में वीगोरा-100 दवा की अवैध ऑनलाइन बिक्री सबके सामने उजागर हुई है।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार, नियंत्रक (खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भोपाल) के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई निष्पादित की गई। महाराष्ट्र एफ डी ए से मिली इनपुट पर हुई त्वरित जांच
मामले की जानकारी देते हुए औषधि अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र एफ डी ए से वीगोरा-100 की अवैध ऑनलाइन बिक्री के संबंध में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर बंडा क्षेत्र में जब गहन जांच-पड़ताल की गई, तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अंकित मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा वीगोरा-100 की पूरी 120 स्ट्रिप्स बिना किसी बिल/कैश मेमो के एक अन्य व्यक्ति को बेची गई थीं। उक्त व्यक्ति इन दवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध रूप से आगे बेच रहा था।
मौके पर पकड़ा गया आरोपी, दस्तावेज जब्त
औषधि प्रशासन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन बिक्री में संलिप्त व्यक्ति को मौके पकड़ा। कार्रवाई के दौरान प्रकरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज, बिक्री अभिलेख और अन्य साक्ष्य मौके से जब्त किए गए हैं। औषधि निरीक्षक सोनम जैन एवं औषधि निरीक्षक मनीष सुमन की संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई लगभग 4 से 5 घंटे तक लगातार चलाई गई।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि बिना पर्चे व बिना बिल के दवाओं की कालाबाजारी या अवैध ऑनलाइन बिक्री करने वालों को पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले में संबंधित अंकित मेडिकल स्टोर संचालक तथा इसमें शामिल अन्य सभी व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। जब्त साक्ष्यों के आधार पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत संबंधितों के खिलाफ सख्त वैधानिक व कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
