वाशिंगटन / दुबई, सऊदी अरब के अधिकारियों ने फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के उस ओमान मूल के सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के हवाले कर दिया है, जिसने हाल ही में दुबई से तेल अवीव जा रही इस उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर घातक चाकू से हमला किया था। इस घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में आपातकालीन स्थिति में उतारना पड़ा था, जहां सभी 174 यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित बच गए थे। यूएई के सुरक्षा अधिकारी अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हवा में हुए इस डरावने हमले के पीछे क्या कोई सोची-समझी आतंकवादी साजिश या वैचारिक कट्टरपंथ जुड़ा हुआ था।
डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बयान से गरमाई राजनीति, कट्टरपंथी विचारधारा की हो रही है जांच
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मरीन वन में सवार होने के दौरान मीडिया से बात करते हुए शुरुआती जानकारियों के आधार पर संकेत दिया है कि फ्लाईदुबई के इस सह-पायलट का संबंध ईरान या किसी कट्टरपंथी संगठन से हो सकता है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक रूप से जांच जारी है। इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पुष्टि की थी कि हमलावर को-पायलट को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा की शिक्षा दी गई थी। इजराइली और यूएई के जांचकर्ता संयुक्त रूप से इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इस हमले के तार किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े थे।
भारतीय राजदूत ने घायल कैप्टन स्मित मच्छार से अस्पताल में की मुलाकात, सऊदी अधिकारियों का मिल रहा पूरा सहयोग
उधर, सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में भर्ती भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हालत अब पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है। संकट की इस घड़ी में सऊदी अरब में स्थित भारतीय दूतावास और राजदूत लगातार उनके संपर्क में हैं तथा अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली है। सऊदी और यूएई के प्रशासन द्वारा इस मामले में तेजी से उठाए जा रहे कदमों और त्वरित प्रत्यर्पण से यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस खौफनाक साजिश के सभी राज खुलकर सामने आ जाएंगे।

