भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बालाघाट के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बच्चों की मौतों को अत्यंत गंभीर और पीड़ादायक बताते हुए राज्य सरकार से स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही पर स्पष्ट जवाब मांगा है।
पटवारी ने कहा कि बैहर और बिरसा क्षेत्र के आदिवासी गांवों में बच्चों की मौत की खबरों ने दूरस्थ आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच में मलेरिया, खसरा, कुपोषण, एनीमिया और निमोनिया जैसे कारण सामने आने की बात कही गई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि प्रभावित बच्चों तक समय पर उपचार, जांच सुविधाएं, दवाएं, टीकाकरण और पोषण सहायता क्यों नहीं पहुंच सकी। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने तथा समय रहते स्थिति की पहचान कर आवश्यक कदम नहीं उठाए जाने के कारण भी स्पष्ट करने की मांग की।
पटवारी ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी इस मामले में राज्य सरकार और बालाघाट जिला प्रशासन से जवाब मांगा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उनके मुद्दे लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट पहुंचकर प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात करेंगे, उनकी समस्याएं जानेंगे और उन्हें समर्थन देंगे।
