वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान के साथ कूटनीतिक समझौते की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को दिए बयान में स्पष्ट किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान को आर्थिक प्रतिबंधों से राहत देने और उसके रुके हुए फंड को जारी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रमों और विवादित मुद्दों पर कोई ठोस और स्वीकार्य प्रस्ताव पेश करे। वर्तमान में दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर कोई बातचीत नहीं हो रही है, बल्कि कतर और अन्य मध्यस्थों (मीडिएटर) के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से संदेशों का आदान-प्रदान और कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने की पुष्टि, कतरी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को भेजा गया है नया सात-दिवसीय प्रस्ताव
उधर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर जानकारी दी कि तेहरान ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए एक तार्किक और स्पष्ट योजना मध्यस्थों के सुपुर्द की है। ईरान की शर्त है कि यदि वाशिंगटन कुछ निश्चित सैन्य दबावों को कम करता है और प्रतिबंधों में ढील देता है, तो इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोला जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने इस शुरुआती प्रस्ताव पर संदेह जताते हुए कहा है कि तेहरान ने परमाणु मुद्दों पर किसी भी गंभीर चर्चा से पहले ही वित्तीय और प्रतिबंध संबंधी रियायतें मांग ली हैं, जिसके चलते प्रशासन ने फिलहाल इसे स्वीकार नहीं किया है।
ट्रंप ने खारिज किया कोई भी एकतरफा रियायत देने से, कूटनीति के साथ-साथ कठोर रुख भी बरकरार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने ईरान को अभी तक कोई औपचारिक छूट या रियायत ऑफर नहीं की है। ट्रंप का मानना है कि ईरान एक समझौता करना चाहता है, लेकिन वह वैसी डील नहीं होगी जैसी अमेरिकी शर्तें तय करती हैं। इसके बावजूद, अमेरिकी अधिकारी यह मान रहे हैं कि यदि ईरान न्यूक्लियर मामलों पर लचीला रुख अपनाता है और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है, तो भविष्य में बातचीत के रास्ते खुल सकते हैं। फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और परमाणु कूटनीति को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच शह-मात का खेल जारी है, जिसमें मध्यस्थ देशों की भूमिका बेहद अहम बनी हुई है।

