दोहा (कतर) / नई दिल्ली, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की 11वीं वार्षिक बैठक और बहुचर्चित ‘एआईआईबी इन्वेस्टर्स डायलॉग 2026’ में भाग लेने के लिए दोहा पहुंच गई हैं। कतर के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जहां कतर में भारत के राजदूत श्रीकर रेड्डी कोप्पुला ने उनकी अगवानी की। चूंकि भारत इस बैंक का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है, इसलिए वित्त मंत्री का यह दो दिवसीय दौरा वैश्विक आर्थिक रणनीतियों, बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई देशों के वित्त मंत्रियों और कतर के शीर्ष नेतृत्व के साथ होंगी उच्चस्तरीय बैठकें, ऊर्जा और व्यापार पर होगी चर्चा
अपने इस दो दिवसीय आधिकारिक प्रवास के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण एआईआईबी के अध्यक्ष के अलावा जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्ष मंत्रियों के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगी। इसके अलावा, वह कतर सरकार के शीर्ष नेतृत्व, प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ भी संवाद स्थापित करेंगी। भारत और कतर के बीच पहले से ही मजबूत ऊर्जा संबंध रहे हैं, जिसमें पेट्रोनेट एलएनजी और कतरएनर्जी के बीच दीर्घकालिक समझौते शामिल हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ करेगा।
एशियाई देशों में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देता है बीजिंग स्थित एआईआईबी, स्वच्छ ऊर्जा पर है विशेष फोकस
बता दें कि बीजिंग स्थित एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) एक प्रमुख बहुपक्षीय विकास बैंक है, जो एशिया और दुनियाभर में सड़कों, स्वच्छ ऊर्जा, परिवहन, डिजिटल नेटवर्क और जल प्रणालियों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण प्रदान करता है। जनवरी 2016 में 100 अरब डॉलर की पूंजी के साथ काम शुरू करने वाले इस बैंक के वर्तमान में 111 स्वीकृत सदस्य देश हैं। यह बैंक सार्वजनिक और निजी विकास परियोजनाओं के समर्थन के लिए वैश्विक निवेशकों के साथ मिलकर काम करता है, ताकि सदस्य देशों में सतत और पर्यावरण-अनुकूल विकास को गति मिल सके।

