काठमांडू, नेपाल में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, भयंकर तूफान, बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने भारी तबाही मचाई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के चलते देश भर में अब तक 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और 5 अन्य घायल हुए हैं। बंगाल की खाड़ी से उठे कम दबाव के क्षेत्र के कारण देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिससे लगभग 247 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं और कई घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।
3000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी और कई राजमार्ग अवरुद्ध
गंभीर रूप से प्रभावित पहाड़ी जिलों जैसे जाजरकोट, म्याग्दी और संखुवासभा में आपातकालीन हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे हुए लोगों को निकाला गया है, जबकि कुल 3,000 से अधिक नागरिकों को जोखिम भरे इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार इस दौरान देश में करीब 9,000 विदेशी पर्यटक और ट्रेकर्स मौजूद थे, जिन्हें खराब मौसम के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण चितवन जाने वाले मुख्य राजमार्ग समेत कई प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे राहत कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
नारायणी और कालीगंडकी नदियां खतरे के निशान से ऊपर, देश भर की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
मध्य नेपाल में नारायणी नदी का जलस्तर 9 मीटर के चेतावनी स्तर को पार कर चुका है, जिससे निचले इलाकों और बस्तियों में पानी भर गया है। मनांग और मुस्तांग जिलों में भी लैंडस्लाइड के कारण नदियों का बहाव बाधित होने से फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क करने के लिए हजारों की संख्या में शुरुआती चेतावनी संदेश (Early-Warning SMS) भेजे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि इस नई आपदा ने देश के बुनियादी ढांचे और जनजीवन को एक बार फिर गहरे संकट में डाल दिया है।

