जबलपुर: जिला न्यायालय द्वारा हत्या के आरोप में सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ चार आरोपियों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की अध्यक्षता वाली युगल पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार चाकू के प्रहार से आई एक चोट मृत्यु का कारण है। युगलपीठ ने तीन अपीलकर्ताओ को दोषमुक्त करते हुए एक अपीलकर्ता की आजीवन कारावास की सजा को दस साल में तब्दील करने के आदेश जारी किये।
जबलपुर जिले के ग्वारीघाट थानान्तर्गत राहुल वर्मन की हत्या के आरोप में फरवरी 2026 को न्यायालय ने मुख्य आरोपी सत्यम बर्मन सहित दीपक यादव, विनोद उर्फ इंका बर्मन और नरबद बर्मन को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था। सजा के खिलाफ चारों की तरफ से हाईकोर्ट में अपील दायर की गयी थी। अभियोजन के अनुसार बर्मन और आरोपियों के बीच गाली-गलौज की बात पर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर सत्यम बर्मन, दीपक यादव, विनोद उर्फ इंका बर्मन और नरबद बर्मन ने राहुल के साथ मारपीट की। इसी दौरान सत्यम बर्मन ने कथित तौर पर चाकू से राहुल की गर्दन के पास वार किया। वेहोषी की अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया और उसकी मौत हो गयी।
युगल पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण गर्दन के पास चाकू से प्रहार से आई गंभीर चोट है। घटना अचानक विवाद होने के कारण घटित हुई थी। युगलपीठ ने अपीलकर्ता दीपक यादव, विनोद उर्फ इंका बर्मन और नरबद बर्मन के खिलाफ विशिष्ट आपराधिक कृत्य साबित नहीं नही होने के कारण दोषमुक्त कर दिया। युगलपीठ ने मुख्य आरोपी की आजीवन कारावास की सजा को धारा 304 के तहत दस में तब्दील करने के आदेश जारी किये है
