इन्दौर: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट की सुविधा को आसान और कैशलेस बनाने के लिए एटीवीएम ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन के उपयोग को बढ़ावा दिया है. यात्रियों को मशीन के संचालन में परेशानी न हो, इसके लिए मंडल के इंदौर, उज्जैन और चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशनों पर एटीवीएम फैसलिटेटर नियुक्त किए गए हैं.रेलवे अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, इंदौर रेलवे स्टेशन पर दो, उज्जैन में एक और चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर एक एटीवीएम फैसलिटेटर तैनात किया गया है. ये फैसलिटेटर यात्रियों को एटीवीएम के जरिए अनारक्षित टिकट निकालने में मदद करते हैं. साथ ही, यात्रियों को मशीन के संचालन की जानकारी भी दी जाती है, ताकि वे आगे स्वयं इसका उपयोग कर सकें.
एटीवीएम में क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है. यात्री किसी भी यूपीआई-सक्षम ऐप से क्यूआर कोड स्कैन कर टिकट का भुगतान कर सकते हैं. भुगतान के बाद मशीन से टिकट प्राप्त किया जा सकता है। इससे यात्रियों को टिकट खिड़की पर लंबी कतार में लगने से राहत मिलती है. मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, एटीवीएम फैसलिटेटर की व्यवस्था से उन यात्रियों को विशेष रूप से सुविधा मिल रही है, जिन्हें मशीन के इस्तेमाल की जानकारी नहीं है. इस व्यवस्था से टिकटिंग प्रक्रिया को तेज करने के साथ ही स्टेशनों पर भीड़ और कतार कम करने का प्रयास किया जा रहा है.
पहले एटीवीएम फैसलिटेटर के रूप में केवल सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना थी. इसमें संशोधन के बाद अब आवश्यकता के अनुसार अन्य लोगों को भी फैसलिटेटर के रूप में शामिल किया जा सकता है. मंडल का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे. रेलवे की ओर से रेलवन और यूटीएस ऐप के साथ डिजिटल एवं स्व-सेवा आधारित टिकटिंग सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को अनारक्षित टिकट प्राप्त करने में कम समय लगे.
