
नई दिल्ली,मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य दो आयुक्तों के बीच कथित तौर पर उपजे गंभीर मतभेदों के उजागर होने के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर जबरदस्त प्रदर्शन किया गया.
दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर चुनाव आयोग के कार्यालय तक सबसे पहले भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी युवा नेताओं ने अपने हाथों में सांकेतिक हथकड़ियाँ और चेहरे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगा रखे थे. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उसे केंद्र सरकार की कठपुतली बताया. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी हुई. बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सुरक्षा घेरा तोड़ने के आरोप में पुलिस ने युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब, दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा, एनएसयूआई अध्यक्ष वरूण चौधरी सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया . वहीं दूसरी ओर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव के नेतृत्व में भी झुग्गीवासियों के वोटर कार्ड से जुड़े मुद्दों को लेकर अलग से मार्च निकाला गया. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर एकत्रित हुए और वहाँ से उन्होंने भाजपा मुख्यालय की तरफ मार्च किया और फिर वहाँ से चुनाव आयोग के मुख्य कार्यालय निर्वाचन सदन की ओर बढ़े. जिन्हें पुलिस द्वारा रोक दिया गया.
इसी के साथ जंतर-मंतर पर वामपंथी छात्र संगठन आइसा और कई नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने भी एक अलग विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया. नेताओं ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के तुरंत इस्तीफे और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की. इस प्रदर्शन में वामपंथी दल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, आरजेडी सांसद मनोज झा और प्रशांत भूषण सहित कई प्रमुख चेहरों को हिरासत में लेकर प्रदर्शन स्थल से हटाया गया.
हालांकि पूर्व के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने निर्वाचन सदन की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स को लांघकर आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस द्वारा उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.
