भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने वर्ष 2025-26 में किसानों से उपार्जित धान की मिलिंग में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने उपार्जित धान को बिना विलंब राइस मिलर्स को उपलब्ध कराने के लिए तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।सिंह ने रीवा (ग्रामीण) जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा द्वारा भेजे गए पत्र को मुख्यमंत्री को अग्रेषित करते हुए यह मुद्दा उठाया। पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 में प्रदेश में किसानों से करीब 51.54 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था।
उपार्जन केन्द्रों से सीधे मिलर्स को भेजने के बजाय बड़ी मात्रा में धान को वेयरहाउस और खुले स्थानों पर रखा गया। अब तक करीब 14.49 लाख मीट्रिक टन धान की ही मिलिंग हो सकी है, जबकि लगभग 36.99 लाख मीट्रिक टन धान मिलिंग के लिए शेष है।पत्र में आशंका जताई गई है कि अधिक देरी से धान की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए आवश्यक चावल की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है।
वहीं, वेयरहाउस से मिलर्स तक परिवहन पर सरकार को करीब 475 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है। आगे अतिरिक्त परिवहन से राज्य पर और वित्तीय भार पड़ने की आशंका है। सिंह ने किसानों, मिलर्स और राज्य सरकार के हित में शीघ्र मिलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की है।
