सीधी: गणपति जगुरुवार बप्पा की भक्ति में 10 दिनों तक सराबोर रहा सीधी जिला अब गजानन की विदाई के लिए तैयार है। आज गुरुवार को जिलेभर में गणेश प्रतिमा स्थलों पर धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन, हवन और कन्या भोज का आयोजन किया गया, वहीं दोपहर बाद जगह-जगह विशाल भंडारे शुरू हो गए। गणपति बप्पा
का प्रसाद ग्रहण करने के लिए सुबह से धार्मिक अनुष्ठानों की रही धूम
गणेशोत्सव के अंतिम दिन शहर से लेकर गांवों तक गणेश पंडालों में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रतिमा स्थलों पर पहुंचे और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद हवन का आयोजन हुआ। कई स्थानों पर कन्या भोज कराया गया। धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद दोपहर से भंडारे शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम तक कई स्थानों पर भंडारे चलते रहे।
पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
दस दिनों तक आरती, भजन-कीर्तन और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजे पंडालों में अब विदाई की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। गणपति की विदाई को लेकर जहां श्रद्धालुओं में उत्साह है। वहीं दस दिनों तक अपने आराध्य की सेवा और पूजा में लीन रहे भक्तों की आंखें विदाई के भाव से नम भी नजर आ रही हैं। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को जिलेभर में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। प्रतिमाओं को विसर्जन
स्थलों तक ले जाने के दौरान ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन के बीच श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरयाए अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाएंगे। गणपति की विदाई को लेकर श्रद्धालुओं में जहां उत्साह है वहीं भावुकता भी दिखाई दे रही है।
रिमझिम बारिश में भंडारा का हुआ आयोजन
पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओ के समक्ष आज दोपहर से भंडारा का आयोजन जगह-जगह किया गया। दोपहर से रिमझिम बारिश का दौर लगातार शुरू रहा फिरभी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।
नगर पालिका ने की जलकुंड की व्यवस्था
सीधी शहर में गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए नगरपालिका परिषद द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में अस्थाई जलकुंड बनाया गया है। यहां श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं का आसानी से विसर्जन कर सकेंगे। वहीं घरों में स्थापित छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर पालिका द्वारा चलित जलकुंड की व्यवस्था भी की गई है। चलित जलकुंड को विभिन्न मोहल्लों में भेजा जाएगा, जिससे लोगों को प्रतिमा विसर्जन के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
