नयी दिल्ली, 24 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ‘वोट चोरी’ कराई है और उनको तत्काल इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।
श्री गांधी ने यहां पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कई तरह से ‘वोट चोरी’ की साजिश कर देश के संविधान और लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है और इस साजिश में जो भी संलिप्त हैं वे सब देशद्रोही हैं और उनको बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह इस पूरी साजिश के केंद्र में हैं और उन्होंने देश के साथ जो किया है भविष्य में उसकी जांच होगी।
उन्होंने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर जो सवाल उठाये हैं, वह सही कदम है और वह इसकी सराहना करते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से कहा कि वह वोट चोरी में शामिल हैं इसलिए उनको सलाह है कि वह अपने काम तथा अपने पद की गरिमा के बारे में गंभीरता से सोचें और सरकारी गवाह बन जायें।
उनका कहना था कि श्री ज्ञानेश कुमार का ऐसा करना देशहित में होगा। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता-विरोधी लहर एक ऐसी बुनियादी राजनीतिक शक्ति है जो किसी भी सरकार को नहीं छोड़ती। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब बंगलादेश युद्ध जीता और उनकी लोकप्रियता तब चरम पर थी लेकिन एक-दो वर्ष के भीतर ही उनके खिलाफ जबरदस्त सत्ता-विरोधी लहर आ गयी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह के साथ भी यही हुआ। यह हर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दल के साथ भी होता है लेकिन श्री मोदी, श्री शाह और भाजपा के खिलाफ यह सत्ता-विरोधी लहर दिखाई नहीं देती। किसी व्यक्ति की लोकप्रियता और सरकार के प्रदर्शन को समझा जा सकता है लेकिन सत्ता-विरोधी लहर कैसे गायब हो गयी, यह समझ में नहीं आता।
श्री गांधी ने कहा कि गृहमंत्री दावा करते हैं कि 30 साल तक भाजपा सत्ता में रहेंगे, लोगों को आदत डालनी चाहिए। उनका कहना था कि वह करीब 50 वर्ष से राजनीति को करीबी से देख रहे हैं और किसी भी राजनीतिक माहौल में कोई भी नेता इस तरह की बात नहीं कर सकता कि उसकी सरकार कई वर्षों तक बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की लोकप्रियता के बावजूद कुछ ही वर्षों में सत्ता-विरोधी लहर आयी और देश के अनेक प्रधानमंत्रियों तथा मुख्यमंत्रियों को इसका सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि सत्ता-विरोधी लहर भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति है इसलिए यह सवाल महत्वपूर्ण है कि यह शक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को प्रभावित क्यों नहीं करती और उन्हें लगता है कि इसका जवाब दो चुनाव आयुक्तों ने दिया है। उन्होंने कहा कि वोट देश की बुनियाद है और चुनाव आयोग का काम इसकी रक्षा करना है। वोट से संविधान को शक्ति मिलती है, संविधान से कानून बनते हैं और कानून से संस्थाएं बनती हैं। यह एक श्रृंखला है जो आधुनिक भारत को परिभाषित करती है। उन्होंने कहा कि इसलिए यह केवल वोट पर हमला नहीं है बल्कि देश की बुनियादी लोकतांत्रिक संरचना और प्रत्येक भारतीय की आवाज पर हमला है। श्री गांधी ने कहा कि आज दो तरह से ‘वोट चोरी’ हो रही है। वोट चोरी के दो हथियार हैं-एसआईआर और ईवीएम। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इन दोनों माध्यमों से वोट चोरी कर रही है तथा लोकसभा और विधानसभा चुनावों में धांधली की जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश में वोट चोरी के बाद ‘कानून चोरी’ और फिर ‘संस्था चोरी’ हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि वोट चोरी कर संसद में लोग पहुंचते हैं और वे चोरी के वोटों के आधार पर कानून बनाते हैं तथा संस्थाओं में बदलाव करते हैं तो ऐसे कानून और संस्थागत बदलाव भी अवैध हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी के बाद कानून चोरी किये गये, देश की संस्थाएं चोरी की गयीं और फिर संस्थाओं में आरएसएस के लोगों को महत्वपूर्ण जगहों पर बिठाया गया। श्री गांधी ने कहा कि श्री ज्ञानेश कुमार का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने किया है और अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि वह मतदान व्यवस्था में पैदा हुई अव्यवस्था और नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री इस पूरी साजिश के केंद्र में हैं और उन्होंने देश के साथ जो किया है उसकी जांच होगी। उन्होंने कहा कि यह भारतीय राज्य और देश की जनता के खिलाफ किया गया कृत्य है और कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। जो व्यक्ति वोट पर हमला करता है और भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं को बुनियादी तौर पर नष्ट करता है, वह देशद्रोही से कम नहीं है। उनका कहना था कि यदि वोट देने का अधिकार ही छीन लिया जाता है तो संविधान, कानून और संस्थाओं का कोई अर्थ नहीं रह जाता। श्री गांधी ने कहा कि देश की जनता जानती है कि उसका वोट नष्ट किया गया है और इस साजिश को रचने वालों को भी देश जानता है। श्री गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले भी ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया था और इसे प्रमाण के साथ देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष लोकतंत्र को नष्ट होते देखकर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों की जांच होगी और उन्हें सजा मिलेगी।
