ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए एक भीषण बस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही एक डबल डेकर स्लीपर बस (रजिस्ट्रेशन नंबर BR32PA8647) में जेवर थाना क्षेत्र के 33वें माइलस्टोन के पास देर रात अचानक भीषण आग लग गई। इस दुर्घटना में 9 यात्रियों की जिंदा जलने और दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू करते हुए 30 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना पर जताया दुख, आर्थिक सहायता की घोषणा
इस मर्मस्पर्शी हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पीएम ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक मदद का ऐलान किया था और अधिकारियों को घायलों के समुचित एवं मुफ्त इलाज के सख्त निर्देश दिए थे।
कंडक्टर द्वारा बीड़ी पीने और धुएं की अनदेखी के लगे आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला
प्राथमिक जांच और चश्मदीद यात्रियों के बयानों से यह बात सामने आई है कि बस के एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम में शॉर्ट सर्किट या चिंगारी से इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लगी, जो देखते ही देखते पूरी बस में फैल गई। इसके अलावा, कुछ यात्रियों ने बस कंडक्टर पर लापरवाही बरतने और बीड़ी पीने का आरोप लगाया है, साथ ही यह भी कहा कि धुएं की चेतावनी देने के बावजूद बस को तुरंत नहीं रोका गया। पुलिस ने इस संबंध में कानून की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर बस चालक और कंडक्टर को हिरासत में ले लिया है, जबकि फोरेंसिक टीमें आग लगने के सटीक कारणों की गहन जांच कर रही हैं।

