इंदौर: शहर में यातायात सुधार के लिए प्रशासन द्वारा नो कार डे, स्मार्ट सिग्नल, और फ्लाईओवर निर्माण जैसे नए प्रयोग किए जा रहे हैं, जिसके कारण कई मुख्य मार्गों पर गाड़ियों का दबाव कम हुआ है, लेकिन कुछ इलाकों में जाम और पार्किंग की समस्या बनी हुई है और उन क्षेत्रों में राहगीर परेशान हैं, साथ ही इसका कारोबार पर भी असर पड़ रहा है.
ऐसी ही स्थिति पंडरीनाथ क्षेत्र में पंडित नाथ मंदिर के ठीक सामने गौतमपुरा मार्ग की भी है. इस मार्ग पर चंद्रभागा और कबूतरखाना की ओर से आने वाले सैकड़ों वाहनों के कारण सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक जाम की स्थिति बनती थी, करीब 100 मीटर के हिस्से में कुछ मिनट के अंतराल पर ही वाहन फंस जाते थे. मार्ग की मौजूदा चौड़ाई करीब 25 फीट है जबकि मास्टर प्लान में इसे 60 फीट प्रस्तावित किया गया है. आने वाले सिंहस्थ को देखते हुए चंद्रभागा पुल से फूल मंडी क्षेत्र की ओर नया मार्ग निकालकर यातायात को डायवर्ट किया गया, इसका असर यह हुआ कि गौतमपुरा मार्ग पर अब वाहनों की संख्या काफी कम हो गई और जाम से राहत मिली. लेकिन इस राहत के बीच व्यापारियों की मुश्किल बढ़ गई है. यातायात नहीं होने के चलते ग्राहकों की आवाजाही करीब 75 प्रतिशत घट गई है. व्यापार मंदी से घर एवं दुकान खर्च भी नहीं निकल पा रहा. ऐसे में कई कारोबारियों ने कर्मचारियों की छंटनी तक कर दी. जहां व्यापारियों का कारोबार ठप हुआ है, वहीं कई लोग अपनी नौकरी से हाथ धोए बैठे हैं. सवाल यह है कि क्या मार्ग चौड़ा कर दोनों समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता था?
यह बोले कारोबारी…
पहले ट्रैफिक ज्यादा था. आता-जाता हुआ ग्राहक रुक जाता था और सभी दुकानदारों की दुकानों में दिन भर ग्राहक आते रहते थे. इस मार्ग से यातायात गायब हुआ तो दुकानों से ग्राहक भी गायब हो गए.
– इमरान अली
यहां से निकलने वाले लोग रुक जाते थे और खरीदी करते थे, अब वैकल्पिक नए मार्ग से निकल जाते हैं. जब से नया मार्ग शुरू हुआ है, हमारा व्यापार 75 प्रतिशत खत्म हो गया. खर्च तक नहीं निकल पा रहा.
– समीर खत्री
खर्च नहीं निकल पा रहा, दुकानों पर मालिक ही बैठ रहे हैं. चार की जगह एक ही कर्मचारी रखना पड़ रहा है. कई लोग बेरोजगार हो चुके हैं, उन पर भी संकट बढ़ गया है.
– हीरालाल जोशी
