
सीधी। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सोन नदी के गऊघाट तट पर वरिष्ठ भाजपा नेत्री पूनम सोनी ने भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ व्यवस्था करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गईं। पूर्व भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम सोनी के साथ ही कई अन्य भक्तगण भी धरने में बैठ गए। मौके पर मौजूद तहसीलदार एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने का प्रयास जारी रखा गया। फिर भी करीब चार घंटे तक धरने में भक्तगण बैठे रहे। तत्संबंध में चर्चा के दौरान पूर्व भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम सोनी ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 2 बजे वह अपने घर में स्थापित दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए सोन नदी के गऊघाट पहुंचीं। वहां जब देखा गया तो दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए रेत डालकर ऐसा कुंड बनाया गया था जहां नाम मात्र के लिए पानी था और पूरा पानी मिट्टीमय हो चुका था। जब इस संबंध में उनके द्वारा आपत्ति प्रदर्शित करते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा गया कि 9 दिन तक श्रद्धालु दुर्गा प्रतिमा की देखभाल अपनी मां की तरह करते हैं। उनके मन में आस्था रहती है कि वह अच्छे से मां की प्रतिमा का विसर्जन करें। विसर्जन के दौरान भक्तगण स्वयं भी स्नान करते हैं। जिस स्थान में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था बनाई गई है वहां का पानी पूरी तरह से मिट्टीमय होने के कारण यहां प्रतिमा विसर्जन से भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचेगी और गदेले पानी में स्नान करने से चर्मरोग की संभावना भी बनेगी।
तहसीलदार भी गंदे पानी में नहीं लगा सके डुबकी: पूनम
वरिष्ठ भाजपा नेत्री पूनम सोनी ने चर्चा के दौरान कहा कि भक्तों के साथ वह घंटों सोन नदी के गऊघाट तट में धरने पर बैठी रहीं। उस दौरान अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जाता रहा कि वह धरने से उठकर प्रतिमा का विसर्जन करें। जब उन्होने तहसीलदार से कहा कि आप यदि विसर्जन स्थल के पानी में डुबकी लगा लें तो सभी भक्तगण प्रतिमा का विसर्जन करने के साथ स्नान भी कर लेंगे। इस पर तहसीलदार शाम करीब 7 बजे राजी हो गए लेकिन जब मौके पर पहुंचे तो डुबकी लगाने की उनकी हिम्मत नहीं पड़ी। फिर भी दबाव के चलते उनके साथ अन्य भक्तों ने प्रतिमा का विसर्जन किया।
