नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के मुख्य संरक्षक एवं आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इंद्रेश कुमार ने बुधवार को कहा कि तीन मूर्ति हाइफ़ा चौक आने वाले समय में दुनिया के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में शामिल होगा। डॉ. कुमार ने आज यहाँ तीन मूर्ति हाइफ़ा चौक पर 108वां हाइफ़ा विजय दिवस समारोह में कहा कि तीन मूर्ति हाइफ़ा चौक आने वाले समय में दुनिया के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि एक दिन यहां भव्य मेले का आयोजन होगा जिसमें दुनिया भर से लोग शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा विश्व शांति के लिए भूमिका निभायी है और हाइफ़ा को मुक्त कराने में भारतीय सैनिकों की भूमिका भी इसी भावना से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय सैनिकों ने अदम्य वीरता का प्रदर्शन करते हुए विजय हासिल की और शांति की स्थापना में योगदान दिया। डॉ इंद्रेश कुमार ने कहा कि इन्हीं वीर सैनिकों की स्मृति में वर्ष 2018 में तीन मूर्ति चौक का नाम बदलकर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन मूर्ति हाइफ़ा चौक कर दिया। इसके बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की ओर से प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को हाइफ़ा विजय दिवस मनाया जाता है।
डॉ. कुमार ने भारत को शांति, सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की भूमि बताते हुए कहा कि सनातन, बौद्ध, सिख और जैन परंपराओं ने दुनिया को शांति का संदेश दिया है। इज़राइली दूतावास के राजनीतिक सलाहकार निताय बेन हाएम ने राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इज़राइल हमेशा से भारत को अपना मित्र मानता रहा है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भारत ने हमेशा इज़राइल का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और इज़राइल विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में शामिल हैं और दोनों देश कई समान चुनौतियों का सामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और इज़राइल विज्ञान, तकनीक, कृषि, सुरक्षा और सामरिक महत्व के क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि साझा चुनौतियां और सहयोग दोनों देशों को करीब लाते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल ए.एस. लाम्बा ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए भारत-इज़राइल संबंधों को स्थायी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध सीमाओं से परे हैं और दोनों एक-दूसरे को नैतिक, सामरिक तथा मनोवैज्ञानिक समर्थन देते रहे हैं। इस अवसर पर गोलोक बिहारी राय, विक्रमादित्य सिंह, प्रो. डॉ. गुरमीत सिंह, एडवोकेट अरुण कुमार, प्रो. शिवाजी सरकार, प्रो. एम. रहमतुल्लाह, डॉ. तरुण गर्ग, डॉ. विवेक, राजपाल सिंह, गोपाल सिंह, रामनिवास, आचार्य येशी फुंटसोक, डॉ. अशोक कुमार और मयंक शेखर समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

