इंदौर: यूपीआई के बड़े मर्चेंट लेन-देन पर प्रस्तावित चार्ज को लेकर व्यापारियों का विरोध अब खुलकर सड़क पर आ गया है. मंगलवार को इंदौर टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के बैनर तले व्यापारियों ने रीगल स्मयर पर मशाल रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया. 150 से अधिक व्यापारी मशाल लेकर सड़क पर उतरे और यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो के नारे लगाए. अब बुधवार 23 सितंबर को शहर में ‘नो यूपीआई डे’ के जरिए सांकेतिक विरोध की तैयारी है.
मशाल रैली का उद्घाटन अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव गोपाल जी अग्रवाल और इसाक भाई चौधरी ने किया. रैली में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया. व्यापारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, लेकिन बड़े मर्चेंट लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क से व्यापारियों की लागत बढ़ने की चिंता है.
एक दिन यूपीआई भुगतान नहीं लेने की अपील
अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर बुधवार को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने की अपील की गई है. व्यापारियों से एक दिन यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने का आग्रह किया जा रहा है. संगठनों का कहना है कि यह विरोध सांकेतिक है और इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को खत्म करना नहीं, बल्कि मर्चेंट चार्ज, उसकी लागत और रिफंड जैसे मुद्दों पर सरकार एवं संबंधित संस्थाओं का ध्यान आकर्षित करना है.
लाख मोबाइल स्क्रीन तक पहुंचाने की तैयारी
विरोध को व्यापक बनाने के लिए इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने पोस्टर, कॉल सेंटर और सोशल मीडिया के जरिए अभियान शुरू किया है। शहर के प्रमुख बाजारों में ‘नो यूपीआई डे’ के पोस्टर लगाए जा रहे हैं. बाजारवार कॉलिंग के जरिए व्यापारियों से संपर्क किया जा रहा है. वहीं सोशल मीडिया पर डिजिटल सामग्री के जरिए अभियान का संदेश आम लोगों और व्यापारियों तक पहुंचाने की तैयारी है. संगठन ने करीब 10 लाख मोबाइल स्क्रीन तक अभियान का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि व्यापारियों की मांग यूपीआई या डिजिटल भुगतान के खिलाफ नहीं है. मुद्दा प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज से बढ़ने वाली लागत और रिफंड सहित इससे जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को लेकर है. उनका कहना है कि कम मार्जिन पर कारोबार करने वाले खुदरा व्यापारियों के लिए अतिरिक्त लागत महत्वपूर्ण हो सकती है.
मशाल के साथ दिया संदेश
मंगलवार की रैली में व्यापारियों ने कहा- जब तक व्यापारी की मशाल जलती रहेगी, तब तक देश की अर्थव्यवस्था चलती रहेगी. प्रदर्शन में एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष विजय अग्रवाल, सचिव प्रेम माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष भावेश भाई पटेल और सह-कोषाध्यक्ष राजेश भाई सोमैया सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे. मंगलवार को मशाल रैली के बाद अब बुधवार के ‘नो यूपीआई डे’ पर व्यापारियों का विरोध बाजार से आगे बढ़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की तैयारी है।
