सतना :शहर के कामता टोला क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बाद अचानक उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब वहां पर मौजूद एक भवन की चौथी मंजिल में भीषण आग भडक़ उठी. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, निगम प्रशासन, ननि का दमकल अमला और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरु किया. भवन के ऊपर फंसे 3 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद फायर फाइटर्स द्वारा कड़ी मशक्कत करते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के कामता टोला क्षेत्र में स्थित विपिन गुप्ता के मकान की चौथी मंजिल में शुक्रवार की दोपहर लगभग सवा 1 बजे आग भडक़ उठी. भवन की ऊपरी मंजिल से काला धुआं निकलता देख आस पास के लोगों में दहशत फैल गई. आनन-फानन में घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई. ननि के फायर शाखा अमले ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरु किया. इसी दौरान यह जानकारी सामने आई कि घर के अंदर 5 लोग फंस गए हैं. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर योगेश ताम्रकार, निगमायुक्त डॉ. नागार्जुन डी गौड़ा, एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिय़ा, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित काफी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया. अधिकारियों द्वारा एनाउंस करते हुए आस पास के लोगों को दूर जाने की चेतावनी दी जाने लगी. जिसके चलते पुलिस बल द्वारा लोगों को दूर हटाया जाने लगा. वहीं घर के अंदर फंसे 2 लोग तो किसी तरह निकलकर बाहर आ गए. लेकिन भवन के छत पर दो लड़कियां और एक लडक़ा फंसे रहे. जिसे देखते हुए ननि की हाइड्रोलिक सिस्टम युक्त दमकल यानी लिफ्टर को मौके पर लाया गया. लेकिन जब उससे काम नहीं बना तो पुलिस और फायर फाइटर्स द्वारा लंबी लचीली सीढ़ी को पड़ोस की छत से प्रभावित घर की छत पर फेंका गया. सीढ़ी को छत पर फंसाने के बाद ऊपर फंंसे पूजा सोधिया, कमल सोंधिया और पवन कुशवाहा को एक एक करके नीचे उतारा गया. एहतियातन तीनों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया. वहीं दूसरी ओर ननि के फायर फाइटर्स द्वारा काफी देर तक कड़ी मशक्कत करते हुए किसी तरह आग पर काबू पा लिया गया. जिसके चलते प्रशासन सहित स्थानीय आमजन ने राहत की सांस ली.
सील किया गया भवन
ननि से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त 2 मंजिला भवन को अनुमित नहीं मिली हुई थी. जिसके चलते पूर्व में ही भवन संचालक को पूर्व में ही नोटिस जारी किया जा चुका था. वहीं भीषण आग की गर्मी के चलते भवन की तीसरी और चौथी मंजिल में बड़ी दरारें आ चुकी थीं. आलम यह रहा कि दमकल द्वारा आग बुझाने के लिए छोड़ा जा रहा पानी उक्त दीवार की दरों से बहकर बाहर आ रहा था. वहीं आग पर नियंत्रण पाने के बाद जब ननि की फायर टीम ने अंदर प्रवेश किया तो वहां पर अत्यधिक तापमान के चलते हादसे का अंदेशा साफ नजर आया. जिसे देखते हुए घर के सभी निवासियों को बाहर कर मकान को सील कर दिया गया.
तंबाकू का भण्डारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुप्ता परिवार तंबाकू कारोबार से जुड़ा हुआ है. जिसके चलते भवन की ऊपरी मंजिल पर तंबाकू का काफी मात्रा में भण्डारण भी पाया गया. बताया गया कि अग्रिदुर्घटना के बावजूद परिवार के सदस्यों द्वारा तंबाकू के उक्त भण्डारण को छिापाने का काफी प्रयास भी किया गया. वहीं आग लगने का प्रारंभिक कारण ऊपरी मंजिल पर एसी चलने से शार्ट सर्किट होना बताया गया. लेकिप कुछ लोगों द्वारा वहां पर पूजा-पाठ चलने की जानकारी भी दी गई. हलांकि इस संबंध में परिजनों के जरिए काफी विरोधाभासी जानकारी सामने आई. लेकिन फायर शाखा द्वारा जांच करने के बाद ही वस्तु स्थिति सामने आ सकेगी.
मशीन में लगे हैं 4 स्टैबिलाइजर
ननि की फायर शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार हाइड्रोलिक सिस्टम से युक्त दमकल अथवा लिफ्टर में आधुनिक माने जाने वाले 4 स्टेबिलाइजर लगे हुए हैं. इस विशेष तकनीक की विशेषता यह है कि जब तक चारों स्टैबिलाइजर्स को बिलकुल समतल प्लेटफार्म नहीं मिल जाता तब वे नहीं खुलते हैं. समतल प्लेटफार्म का होना इसलिए भी आवश्यक माना जाता है कि ऊपर की ओर जाने वाले फायर फाइटर्स पूरी तरह सुरक्षित रहें. कामता टोला में समतल प्लेटफार्म नहीं मिलने के कारण हाइड्रोलिक पूरी तरह नहीं खुल पाए. गौरतलब है कि समतल प्लेटफार्म के आभाव में हाइड्रोलिक सिस्टम को ऊपर उठाने के चलते ग्वालियर में फायर फाइटर्स दुर्घटना का शिकार हो गए थे.
