भोपाल। हाल ही में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 10 सहायक पुलिस अधीक्षक (आईपीएस) अधिकारियों ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट की। इस दौरान अधिकारियों ने पुलिस नेतृत्व, पर्यवेक्षण और मैदानी कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर डीजीपी से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि एसडीओपी पुलिस व्यवस्था में प्रथम पर्यवेक्षण अधिकारी होते हैं और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का निराकरण पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या को प्रारंभिक स्तर पर ही समझकर उसके त्वरित निराकरण के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि उसे समय पर राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रभावी पर्यवेक्षण के साथ ईमानदारी और निष्पक्षता पुलिस नेतृत्व के लिए आवश्यक हैं। अधिकारियों को अधीनस्थों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के साथ उनकी समस्याओं को समझकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का मार्गदर्शन और सहयोग करना नेतृत्व का महत्वपूर्ण दायित्व है।
पुलिस थानों के निरीक्षण के संबंध में डीजीपी ने परिचालन संबंधी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने, किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से हिरासत में नहीं रखने तथा थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित एवं औचक निरीक्षण पर भी जोर दिया।
मकवाणा ने तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने और अपराधों के पता लगाने तथा मामलों के निराकरण में नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) सहित उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने को कहा। उन्होंने पुलिस परेड को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता भी बताई।
इस अवसर पर डीजीपी के पीएसओ डॉ. विनीत कपूर और एसओ मलय जैन भी उपस्थित थे।
