नयी दिल्ली, (वार्ता) कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके चुनाव चिह्न को, फ्रीज करने के निर्वाचन आयोग के फैसले की आलोचना करते हुए इस निर्णय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निर्वाचन आयुक्त की तरफ से जन्मदिन पर दिया गया तोहफा करार दिया।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया एक्स पर आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन से तृणमूल कांग्रेस के नाम और चिह्न को फ्रीज किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके सुश्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ लड़ने वाले उम्मीदवारों को उनसे विद्रोह करने तथा दल-बदल करने के लिए रास्ता दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के हाथों की कठपुतली बन गया है और लोकतंत्र को धीरे-धीरे कमजोर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अब तृणमूल कांग्रेस के मामले में किया गया है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि सुश्री ममता बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न तत्काल बहाल किया जाना चाहिए।
इस बीच कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक अलग पोस्ट में चुनाव आयोग के फैसले को न्याय के बजाय अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे हटना बताया। उन्होंने तर्क दिया कि बागी गुट के पास पार्टी की पहचान और प्रतीक पर दावा करने का कोई संवैधानिक आधार नहीं है।
