नयी दिल्ली, 18 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में राज्यों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों का दो दिवसीय सम्मेलन शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हो रहा है जिसमें समग्र आर्थिक स्थिति की चर्चा के साथ कृषि और ऊर्जा क्षेत्र के विकास एवं वित्त पोषण पर विशेष सत्र होंगे।
वित्त मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन का विषय “विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण” है। सम्मेलन में तीन विषय-गत सत्र होंगे जिनमें एक वृहद आर्थिक अवलोकन, दूसरा कृषि रूपांतरण के लिए वित्तपोषण तथा तीसरा ऊर्जा परिवर्तन का वित्तपोषण विषय पर होगा।
बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कंपनी मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री वरिष्ठ राज्य अधिकारी शमिल होंगे। सम्मेलन में देश की विकास यात्रा के लिए वित्तपोषण चुनौतियों और नीतिगत प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श में अकादमिक गंभीरता और व्यावहारिक नीति को शामिल किया जाएगा। आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर उद्घाटन सत्र में सम्मेलन के उद्देश्यों पर संक्षेप में प्रकाश डालेंगी।
उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ के अध्यक्ष एन.के. सिंह देंगे जो तथा 15 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष थे। महाराष्ट्र सरकार के पूर्व अपर मुख्य सचिव और वित्त सचिव सुधीर श्रीवास्तव विकसित भारत के वित्तपोषण पर राज्यों का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन सचिव डॉ. सौरभ गर्ग विकसित भारत की यात्रा में विकास परिणामों के मापन महत्व को रेखांकित करेंगे तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन सुशासन में नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकी की भूमिका पर संक्षेप में प्रकाश डालेंगे।
सम्मेलन में प्रतिभागियों के लिए तैयार संदर्भ पत्रों में देश की व्यापक आर्थिक उपलब्धियां और विकसित भारत की दिशा में मार्ग, विकसित भारत के लिए निजी वित्तपोषण, राज्यों के लिए जीएसटी 2.0 के निहितार्थ, कृषि बाजारों और विपणन का वित्तपोषण, भारतीय कृषि में गतिशीलता और सतत संसाधन उपयोग का वित्तपोषण, नवीकरणीय ऊर्जा और ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों का वित्तपोषण और कार्बन कैप्चर उपयोग और भंडारण का वित्तपोषण आदि विषय शामिल हैं।
