
जबलपुर। जबलपुर रेल मंडल में 7 से 13 सितंबर के बीच आरपीएफ की सतर्कता से नाबालिग बच्चों को सुरक्षित संरक्षण मिला, यात्रियों के छूटे सामान और मोबाइल लौटाए गए तथा चोरी की संपत्ति के साथ आरोपियों को पकड़ा गया। 7 सितंबर को ट्रेन 12142 से घर से निकले दो नाबालिग बच्चों को तलाशकर बाल गृह ‘जागृति’ में सुरक्षित पहुंचाया गया। इसी दिन सतना स्टेशन पर चार नाबालिग बच्चे संदिग्ध अवस्था में मिले, जिन्हें चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया। मैहर में संदिग्ध अशोक साकेत उर्फ जहरीला को पकड़कर जीआरपी को सौंपा गया। 10 सितंबर को कटनी में मिले नाबालिग बालक-बालिका को समझाइश और परामर्श के बाद परिजनों से मिलाया गया, जबकि 11 सितंबर को जबलपुर स्टेशन से मिली 18 वर्षीय युवती को सुरक्षित संरक्षण में लेकर वन स्टॉप सेंटर भेजा गया।
मिला लावारिस बैग, यात्री को सौंपा
यात्रियों की लापरवाही से छूटे सामान पर भी आरपीएफ ने नजर रखी। 8 सितंबर को सतना में सफाई के दौरान मिला महिला यात्री का ट्रॉली बैग दस्तावेजों के आधार पर पहचान कर सुरक्षित लौटाया गया। 9 सितंबर को ट्रेन 22364 के जनरल कोच से लावारिस बैग मिला, जिसमें मोबाइल, दो चार्जर सहित करीब 13 हजार रुपए का सामान था। सत्यापन के बाद सामान यात्री को सौंप दिया गया। 10 सितंबर को जबलपुर में गुम हुआ मोबाइल संबंधित कोच की बर्थ से तलाशकर यात्री शशिकांत बाजपेयी को लौटाया गया। 12 सितंबर को खन्ना बंजारी स्टेशन पर मिला 10 वर्षीय बालक भी सुरक्षित संरक्षण में लिया गया और आवास संस्था के प्रतिनिधि को सौंपा गया।
संपत्ति हुई बरामद
चोरी के मामलों में भी आरपीएफ की कार्रवाई जारी रही। 11 सितंबर को सीआईबी जबलपुर और जीआरपी कटनी की संयुक्त कार्रवाई में अर्जुन कहार को चोरी के वीवो वाई16 मोबाइल के साथ पकड़ा गया। 12 सितंबर को झर्रा टिकुरिया, कटनी के पास प्रियंशु चौधरी उर्फ भांजा से 57,900 रुपए कीमत का एप्पल आईफोन-14 बरामद किया गया। 13 सितंबर को सागर में ट्रेन 11632 से उतरते समय एक किशोर के पास से महिला का पर्स, चांदी की पायल, लावा मोबाइल सहित करीब 18 हजार रुपए की संपत्ति बरामद हुई। सभी मामलों में आरोपियों अथवा बरामद संपत्ति को अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द किया गया। आरपीएफ की लगातार निगरानी से यात्रियों की सुरक्षा के साथ बच्चों के संरक्षण और खोए सामान की वापसी का काम भी तेज हुआ है।
