इंदौर: शहर में जानवरों के काटने के मामलों में बच्चों की संख्या चिंता बढ़ाने वाली है. अगस्त में 735 बच्चे बाइट केस का शिकार हुए. यानी महीने के 31 दिनों में औसतन हर दिन करीब 20 बच्चे जानवरों के हमले की चपेट में आए. इनमें अकेले 634 मामले कुत्तों के काटने के हैं.स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में 4676 लोग जानवरों के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंचे. इनमें 2961 पुरुष, 980 महिलाएं और 735 बच्चे शामिल हैं.
कुत्तों के अलावा बिल्ली, चूहे और बंदर के हमले के मामले भी सामने आए. अगस्त में 4024 डॉग बाइट केस दर्ज हुए। इनमें 2603 पुरुष, 787 महिलाएं और 634 बच्चे हैं. इसके अलावा 311 लोगों को बिल्ली, 233 को चूहे और 96 लोगों को बंदर ने काटा. अन्य जानवरों के काटने के 12 मामले भी सामने आए. बारिश के दौरान आश्रय, भोजन और पिल्लों की सुरक्षा को लेकर कुत्तों के व्यवहार में बदलाव को भी हमलों की एक वजह बताया जा रहा है. पार्क, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों के संपर्क में आने से खतरा बढ़ रहा है.
