सागर: बंडा इलाके में शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। नौराज, गूगरा खुर्द और आसपास के गांवों में एक के बाद एक लोग बीमार पड़े और अब तक 12 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ चुकी है।इस घटना में अबतक 109 प्रभावित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 12 को आईसीयू में रखा गया है। वहीं एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल है—आखिर शराब में ऐसा क्या था, जिसने लोगों की जान ले ली?
प्रारंभिक जांच में शराब में मेथेनॉल की मिलावट सामने आने की बात कही गई है। अधिकारियों के मुताबिक संदिग्ध शराब बाहर से बनकर बंडा क्षेत्र में सप्लाई हुई थी।
मामले में पुलिस ने 20 आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है और अब तक 10 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस शराब के स्रोत और सप्लाई चैन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
वहीं, इलाके में पहले से मौजूद अवैध शराब के कारोबार के संदर्भ ने भी इस घटना को लेकर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने शराब दुकानों की जांच और स्टॉक की निगरानी बढ़ा दी है।
अब जांच के केंद्र में तीन सवाल हैं जहरीली शराब तैयार कहां हुई? बंडा तक कैसे पहुंची? और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है?
फिलहाल जांच जारी है, लेकिन जहरीली शराब से हुई मौतों ने कई परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया है।
