इंदौर: किलाभवन स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय शुक्रवार को जन्माष्टमी के रंग में रंगा नजर आया. भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने भजन और कथक प्रस्तुतियों के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके जीवन-दर्शन को मंच पर जीवंत किया. कार्यक्रम की शुरुआत कृष्ण पूजन और दीप प्रज्वलन से हुई.
प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्तव्य और संतुलन का संदेश देता है. उन्होंने छात्राओं से भक्ति को केवल पूजा तक सीमित न रखते हुए अपने कर्म, विचार और आचरण को बेहतर बनाने का माध्यम बनाने की बात कही. भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. सुचित्रा हरमलकर ने गीता के श्लोक ‘यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत…’ के माध्यम से धर्म की पुनर्स्थापना के महत्व को समझाया. उन्होंने कृष्ण जन्म की कथा के साथ कालियामर्दन, रासलीला और गोवर्धन लीला का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कृष्ण की लीलाओं में प्रेम, समर्पण, आनंद के साथ प्रकृति संरक्षण और सामूहिकता का संदेश भी छिपा है.
कार्यक्रम में वैदेही जैन और जान्हवी श्रोत्रिय ने ‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी’ भजन प्रस्तुत किया. इसके बाद प्रो. योगिता मांडलिक ने कथक कृष्ण कवित्त तथा छात्रा ध्यानी शाह ने कृष्ण गीत पर कथक प्रस्तुति दी. प्रस्तुतियों पर छात्राओं और महाविद्यालय स्टाफ ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया. कार्यक्रम का संचालन प्रो. अंजना चौरसिया ने किया और आभार प्रो. संध्या दावरे ने व्यक्त किया. इस अवसर पर आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. मनीषा जोशी, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. निशा जैन सहित महाविद्यालय का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं.
