ट्रंप ने संघर्ष के सातवें महीने में ईरान युद्ध को बताया ‘छोटा युद्ध’

वाशिंगटन, (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ लंबे समय से जारी युद्ध के कारण अमेरिकी सेना के संसाधनों पर पड़ रहे दबाव की चिंताओं को खारिज करते हुए संघर्ष को ‘अपेक्षाकृत छोटा युद्ध’ बताया है।

आधे साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद श्री ट्रंप ने इसकी तुलना पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में यूक्रेन को दी गयी अमेरिकी सैन्य सहायता के स्तर से करते हुए युद्ध के प्रभाव को कमतर बताया।

श्री ट्रंप की यह टिप्पणी सोमवार को ओवल ऑफिस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आयी, जब पश्चिम एशिया में कई सप्ताह की अपेक्षाकृत शांति के बाद एक बार फिर संघर्ष तेज हो गया। अमेरिकी बलों ने रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में लारक द्वीप पर ईरान के दो रॉकेट प्रक्षेपकों को निशाना बनाया था, जिसके बाद ईरान ने जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किये।

यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान के साथ युद्ध में सैन्य संसाधनों की इतनी खपत हो रही है कि उनकी कहीं और जरूरत पड़ सकती है, श्री ट्रंप ने इन चिंताओं को कमतर आंकते हुए कहा, “यह हमारे लिए अपेक्षाकृत छोटा युद्ध है। यह कोई बड़ा युद्ध नहीं है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया भर में “बहुत अधिक मात्रा में गोला-बारूद और युद्ध सामग्री” तैनात है और जरूरत पड़ने पर वहां से अतिरिक्त आपूर्ति ली जा सकती है।

श्री ट्रंप ने यूक्रेन की ओर इशारा करते हुए कहा, “आप जानते हैं पैसा कहां गया? यूक्रेन।” उन्होंने दावा किया कि इसके मुकाबले ईरान के खिलाफ अमेरिका ने “बहुत कम” हथियारों का इस्तेमाल किया है।” उन्होंने पूर्व बाइडेन प्रशासन पर हमला करते हुए कहा कि उसने यूक्रेन को 300 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के सैन्य उपकरण मुफ्त में दिए, जबकि उनके प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि यूरोपीय नाटो सदस्य अब कीव को भेजे जाने वाले हथियारों की लागत वहन करेंगे।

ईरान संघर्ष को ‘छोटा युद्ध’ बताने वाली श्री ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब युद्ध सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है। वह इससे पहले भी कई बार अमेरिका की पूर्ण या लगभग पूर्ण जीत का दावा कर चुके हैं। उन्होंने अप्रैल की शुरुआत में ही “पूर्ण और निर्णायक जीत” की घोषणा कर दी थी और उसके बाद भी कई बार कहा कि युद्ध जीत लिया गया है या समाप्ति के करीब है। अमेरिकी बलों ने युद्ध के पहले चार सप्ताह में 850 से अधिक टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें भी दागीं, जबकि इनकी वार्षिक उत्पादन क्षमता केवल कुछ सौ है। इसके अलावा 1,000 से अधिक पैट्रियट और थाड मिसाइल अवरोधकों का इस्तेमाल किया गया।

रिपोर्टों में अमेरिकी और नाटो अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि पश्चिम एशिया में अभियानों के समर्थन के लिए हथियारों को भेजे जाने के कारण यूरोप में पैट्रियट मिसाइल अवरोधकों और अन्य महत्वपूर्ण युद्ध सामग्री का भंडार ‘गंभीर से भी नीचे’ स्तर पर पहुंच गया है।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना आर्थिक अभियान भी तेज कर दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ “वित्तीय हिंसा” शुरू कर सकता है, जिसमें ईरान और उसके साथ कारोबार जारी रखने वाली संस्थाओं पर हर सप्ताह नये द्वितीयक प्रतिबंध लगाना शामिल हो सकता है।

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