जबलपुर: गंजीपुरा स्थित बड़े शंकरजी महादेव मंदिर के पास स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों का आक्रोश सोमवार सुबह उस वक्त भड़क उठा जब सावन माह के पहले सोमवार के दिन सुबह-सुबह नगर निगम का अमला नाली की खुदाई व सफाई करने के लिए सब्बल, फावड़ा लेकर पहुंच गया। कुछ देर तो लोगों ने विरोध किया कि सावन के पहले सोमवार को नाली की सफाई नहीं होगी क्योंकि अगर सफाई होती है तो उसमें से निकलने वाली गंदगी मंदिर के पास फैलेगी। लेकिन जब अमले ने लोगों से कहा कि आप लोग विधायक जी से बात कर लीजिए, हम तो विधायक अभिलाष पांडे व क्षेत्रीय पार्षद रजनी साहू के निर्देश पर नाली की सफाई करने आएं हैं।
इसके बाद मामला थोड़ा फीका हुआ और अंतत: सफाई अमले ने मंदिर के पास की नालियों की सफाई की और फिर हुआ वहीं जिसका सभी को डर था.. नाली से निकलने वाली गंदगी बाहर आई और दूसरी तरफ मंदिर में भगवान को जल अर्पित करने व पूजा करने जाने वालों का तांता लगा रहा। आलम ये था कि गंदगी लांघकर भक्तजन मंदिर के भीतर जाते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों ने नवभारत को बताया कि नालियों के ऊपर चीप ढंकी थी लेकिन मौके पर पहुंचे नगर निगम के स्वास्थ्य अमले ने चीप हटाई और फिर नाली को खोदकर सफाई शुरू की।
विधायक-पार्षद को जमकर कोसा
इस दौरान लोगों ने विधायक व क्षेत्रीय पार्षद को भी जमकर कोसा और सफाई अमले से पूछा कि नालियों की सफाई की शिकायत किए हुए करीब डेढ महीना हो रहा है अभी तक आप लोग क्या सो रहे थे। वहीं लोगों में आक्रोश के साथ चर्चाएं थी कि विधायक चाहते तो पहले भी सफाई करवा सकते थे लेकिन सावन के पहले सोमवार में ये काम करवाना कहां तक उचित है।
जानकारी के अनुसार गंजीपुरा स्थित बड़े शंकरजी महादेव मंदिर में श्रावण मास के सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। मंदिर के पुजारी सहित श्रद्धालुओं ने विधायक-पार्षद से नाली का काम सावन के पूर्व कर देने की बात कही थी। लेकिन उन्होंने ठीक पहले सोमवार की सुबह वहां गंदगी मचवा दी
