
विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री सार्थक यात्रा के बाद स्वेदश रवाना हो गये। किर्गिस्तान की मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष अदिलबेक कासिमालियेव ने हवाई अड्डे आकर प्रधानमंत्री को विदाई दी। मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा सार्थक बातचीत और ठोस परिणामों वाली रही, जिससे मध्य एशिया क्षेत्र के साथ भारत का जुड़ाव और मजबूत हुआ।
श्री मोदी 29 अगस्त को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की चार दिन की यात्रा पर रवाना हुए थे। उज्बेकिस्तान में उन्होंने राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता की । इसके बाद कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये। वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के लिए 30 अगस्त को किर्गिस्तान पहुंचे। इसके बाद 31 अगस्त को उन्होंने राजधानी बिश्केक में सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति और ईरान तथा अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
प्रधानमंत्री ने आज सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रमुखों की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद वह स्वदेश रवाना हो गये।
