
सीधी। बरसात के मौसम में जिले में वायरल संक्रमण बढ़ गया है। जिला अस्पताल सहित निजी नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों में मरीजों की लंबी कतारें दिख रही हैं।
वर्तमान में मौसमी बीमारियों का कहर बरपने से घर-घर मरीज होने लगे हैं। मरीज अपनी व्यवस्थाओं के अनुसार उपचार करा रहे हैं। निजी अस्पताल, क्लीनिकों के साथ ही जिला अस्पताल में भी मरीजों की काफी भरमार है। जिला अस्पताल सूत्रों का कहना है कि करीब महीने भर से 700 के आसपास मरीजों की ओपीडी बनी है। जिला अस्पताल में बेड का अभाव बना हुआ है जिससे मरीज काफी परेशान हैं।
डॉक्टर बंगले में मरीजों को देखने में व्यस्त
जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ डॉक्टरों की स्थिति यह है कि वह ओपीडी में काफी कम समय देते हैं। ओपीडी में औपचारिकता निभाने के बाद ऐसे डॉक्टर मरीजों को देखने के लिए अपने बंगले में पहुंच जाते हैं। डॉक्टर अपने बंगले में ही मरीज का सही उपचार सुनिश्चित करते हैं। अब यह प्रचलन बढ़ गया है कि शासकीय डॉक्टर भी अपने खास पैथालॉजी सेंटर से जांच कराने के लिए भेजते हैं। यदि उनसे संबंधित सेंटर से पैथालॉजी जांच न कराई जाए तो उसे मान्य भी नहीं किया जाता। इसी तरह डॉक्टरों द्वारा अपने संबंधित मेडिकल स्टोरों से दवाओं के लिए भी भेजा जाता है।
इनका कहना है
वर्तमान में मौसमी बीमारियों से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल में मरीजों के भर्ती एवं उपचार की क्या व्यवस्थाएं वर्तमान में हैं इसका मैं कल स्वयं जाकर निरीक्षण करूंगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि सभी मरीजों को बिना किसी भटकाव के समुचित उपचार की व्यवस्थाएं सुलभ हो सकें।
डॉ.अशोक खरे, सीएमएचओ जिला-सीधी
