
सारनी। ईद मिलादुन्नबी के बाद आयोजित कार्यक्रम में इस्लामी शिक्षाओं, नमाज और हदीस पर बच्चों ने प्रभावी प्रस्तुतियां दी। ईद मिलादुन्नबी के उपरांत शोभापुर कॉलोनी स्थित हिंदुस्तान चिकन सेंटर के हॉल में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार बच्चों का धार्मिक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन में बच्चों ने नात शरीफ, तकरीर, सवाल-जवाब और आकर्षक मॉडलों के माध्यम से इस्लामी शिक्षाओं की जानकारी प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।कार्यक्रम में बच्चों ने हदीस, नमाज के महत्व तथा फजर से लेकर ईशा तक पांचों वक्त की नमाज के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। तकरीर के माध्यम से बच्चों ने धार्मिक शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और अच्छे आचरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इसके अलावा हुजूर-ए-अकरम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक उत्तर दिए। बच्चों और बड़ों के बीच हुए सवाल-जवाब ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और रोचक बना दिया।
आयोजन का विशेष आकर्षण बच्चों द्वारा तैयार किए गए मक्का-मदीना सहित विभिन्न इस्लामी विषयों पर आधारित आकर्षक मॉडल रहे। मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने नमाज और धार्मिक शिक्षाओं से जुड़े संदेशों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम स्थल पर बच्चों द्वारा खाद्य सामग्री के विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा।
बेहतर प्रस्तुति देने वाले बच्चों के साथ ही कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में धार्मिक शिक्षा, संस्कार, ज्ञान और अपनी परंपराओं के प्रति रुचि विकसित करना है।कार्यक्रम में जिक्र-ए-इलाही महिला ग्रुप की महिलाओं की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही। ग्रुप सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता है तथा धार्मिक अवसरों पर ईसाले सवाब सहित विभिन्न सेवाकार्यों में योगदान देता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कॉलोनी की महिलाएं, ग्रुप की सदस्य और बच्चे उपस्थित रहे। आयोजन ने बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा के प्रति उनकी रुचि को भी प्रोत्साहित किया।
