
नयी दिल्ली 31 अगस्त (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब सरकार पर राज्य के कर्मचारियों को दबाने और उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है और कहा है कि भाजपा कर्मचारियों की हक की लड़ाई लड़ती रहेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार अपने दमनकारी नीतियों के जरिये कर्मचारियों को दबाने और उन्हें परेशान करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सीख पर चलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सारे वादे किये, लेकिन बाद में अपने घोषणापत्र की बातें भूल गये।
राज्य के 23 ज़िलों में तीन लाख सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर हैं और विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके साथ 3.5 लाख पेंशनभोगी भी हैं, जो उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आप सरकार ने वादा किया था कि कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा महंगाई भत्ता भी अभी तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्री केजरीवाल और श्री मान ने कहा था कि पुरानी पेंशन योजना लागू की जायेगी लेकिन आज हालत यह है कि ओपीएस के लिए कोई रूपरेखा तक तैयार नहीं की गयी है। उन्होंने कहा कि श्री मान का कहना है कि जब तक हड़ताल वापस नहीं ली जाती, वह बातचीत नहीं करेंगे। एक मुख्यमंत्री को इस तरह का दबाव बनाने वाला रवैया नहीं अपनाना चाहिए, बल्कि उन्हें बातचीत करनी चाहिए। यही लोकतंत्र का मूल आधार है। श्री भाटिया ने कहा कि भाजपा पंजाब सरकार की इस दमनकारी नीति का पूरजोर विरोध करती है और वादा करती है कि वह कर्मचारियों के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी।
