भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम आपूर्ति संबंधी समझौता देश की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम : भाजपा

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम आपूर्ति को लेकर हुआ समझौता देश की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को यहां श्री मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संवाददाताओं से कहा कि उनकी (श्री मोदी) की उज़्बेकिस्तान की यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा, “पूरा देश जानता है कि ताशकंद ही वह जगह है, जहाँ हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी थी।”

उन्होंने कहा कि उस दौर में कई ऐसी ताकतें भी थीं जो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों के पक्ष में नहीं थीं। आज, लगभग 60 साल बाद ताशकंद की उसी धरती से श्री मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में यूरेनियम आपूर्ति को लेकर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। यह समझौता भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ़ एक समझौते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि पिछले छह दशकों में भारत की वैश्विक स्थिति और रणनीतिक क्षमताएँ कैसे बदली हैं। उन्होंने बताया कि श्री मोदी की यात्रा के दौरान यूरेनियम आपूर्ति के साथ-साथ, 2030 तक व्यापार को मौजूदा लगभग एक अरब डॉलर से बढ़ाकर पांच अरब डॉलर करने का लक्ष्य भी तय किया गया है। साथ ही, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को लेकर भी एक अहम समझौता हुआ है।

श्री त्रिवेदी ने कहा कि भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों के नज़रिये से श्री मोदी की यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण रही है। उज़्बेकिस्तान के टर्मेज़ क्षेत्र में भगवान बुद्ध से जुड़ी विरासत स्थलों के संरक्षण की ज़िम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लेना हमारी साझा सभ्यतागत विरासत को नयी मज़बूती देता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उज़्बेकिस्तान द्वारा श्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करना भी एक ऐतिहासिक क्षण है। यह केवल प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, पहचान और राष्ट्रीय गौरव का सम्मान है।

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