इटारसी। खेल केवल शारीरिक दक्षता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और निरंतर प्रयास की सीख भी देते हैं। विद्यार्थियों को खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाकर खेल भावना एवं समर्पण जैसे गुणों को आत्मसात करना चाहिए। यह बात शासकीय सांदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इटारसी में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्राचार्य एन.पी. चौधरी ने कही। हॉकी के महान खिलाड़ी एवं ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य एन.पी. चौधरी एवं उपप्राचार्य उपेंद्र साहू द्वारा खेल शिक्षक अरविंद रैकवार के माध्यम से मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में संगीत शिक्षक मयंक बिसेन ने खेल भावना पर आधारित सुंदर गीतों की प्रस्तुति दी। इसके बाद विद्यालय के वरिष्ठ एवं अनुभवी शिक्षकों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए खेलों के महत्व, अनुशासन, टीमवर्क, खेल भावना तथा स्वस्थ जीवन में खेलों की भूमिका पर विचार साझा किए। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए खेलों से संबंधित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया। प्राचार्य चौधरी ने विद्यार्थियों से मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अनुशासन, समर्पण, निरंतर अभ्यास एवं लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उपप्राचार्य श्री उपेंद्र साहू एवं प्रधान पाठक संतोष राणा ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन संस्कृति प्रभारी आशीष श्रीवास ने किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
