इंदौर: देवास के नेवरी से अवैध कटाई कर लाई गई करीब चार घनमीटर लकड़ी इंदौर में कहां खपाई जानी थी, इसका जवाब वन विभाग को ट्रक चालक से पूछताछ में नहीं मिला. जीएनटी मार्केट में पहले मिली जानकारी के आधार पर चल रही निगरानी के बीच विभाग ने लकड़ी से भरा ट्रक पकड़कर जांच शुरू कर दी है.वन विभाग को जीएनटी मार्केट में जांच के दौरान जानकारी मिली थी कि बाहर के इलाकों से अवैध रूप से काटी गई लकड़ी इंदौर लाकर बेची जा रही है. इसके बाद ऐसे वाहनों की निगरानी की जा रही थी. इसी दौरान देवास की ओर से लकड़ी लेकर आ रहे ट्रक पर विभाग की नजर पड़ी. वन विभाग की टीम ने एमपी 09 केडी 5934 नंबर के ट्रक को रोककर जांच की तो उसमें करीब चार घनमीटर लकड़ी मिली. चालक से लकड़ी के स्रोत और इंदौर में इसकी डिलीवरी के संबंध में पूछताछ की गई. उसने लकड़ी देवास के नेवरी से लाना बताया, लेकिन इंदौर में इसे किस स्थान पर उतारा जाना था, इसकी जानकारी नहीं दे सका.
लकड़ी और ट्रक जब्त कर जांच की जा रही
वन विभाग ने लकड़ी के साथ ट्रक को भी जब्त कर लिया है. मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. अब विभाग का फोकस इस बात पर है कि नेवरी में लकड़ी की कटाई कहां हुई, इसे इंदौर किसके लिए भेजा गया था और अवैध लकड़ी की बिक्री से जुड़े लोग कौन हैं. मामले में वन विभाग की रेंजर संगीता ठाकुर ने नव भारत को बताया कि जीएनटी मार्केट में जांच के दौरान अवैध रूप से काटी गई लकड़ी इंदौर लाकर बेचने की जानकारी मिली थी. निगरानी के दौरान लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा है. लकड़ी और वाहन जब्त कर प्रकरण दर्ज कर आगे जांच जारी है.
