
कटनी। उमरियापान थाना क्षेत्र स्थित महर्षि महेश योगी वैदिक आश्रम में छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। करौंदी आश्रम के कमरे में फंदे पर लटके मिले छात्र के परिजनों ने मानसिक प्रताड़ना और हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मृतक के परिजनों के अनुसार, छात्र ने आश्रम के कुछ साथियों से उधार पैसे ले रखे थे, जिसे लेकर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले ही छात्र घर से 15 हजार रुपये की राशि एक व्यक्ति को देने के लिए लेकर आश्रम लौटा था। लेन-देन के इसी विवाद और दबाव के चलते उस पर मानसिक तनाव बनाया जा रहा था।
रक्षाबंधन पर घर आने का किया था वादा
घटना से ठीक एक दिन पहले छात्र ने अपनी बहनों से फोन पर बात कर रक्षाबंधन पर घर आने का वादा किया था। बहनें कलाई पर राखी बांधने का इंतजार करती रहीं, लेकिन अगले ही दिन आश्रम से मौत की खबर पहुंच गई। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि छात्र ने यह आत्मघाती कदम लगातार मिल रही प्रताड़ना और उकसावे के कारण ही उठाया है।
पुलिस और आश्रम प्रशासन का पक्ष
उमरियापान थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। लेन-देन और प्रताड़ना के आरोपों को ध्यान में रखते हुए आश्रम के अन्य छात्रों व संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
दूसरी ओर, आश्रम प्रमुख अरविंद सिंह का कहना है कि छात्र पिछले कुछ दिनों से तनाव में था। आश्रम स्तर पर प्रताड़ना या शिकायत की कोई बात सामने नहीं आई है, फिर भी पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
