
रीवा, रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में एक बार फिर प्रसूता और नवजात शिशु की मौत ने पूरे विंध्य के स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संवेदनशील मामले को लेकर अब राजनीति भी तेज हो गई है। सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने पत्रकार वार्ता कर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया है।
विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस रीवा को स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला कहा जाता है, वहीं की सबसे बड़ी अस्पताल में मरीजों को जान गंवानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर यहां की ये स्थिति है तो पूरे मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सरकार बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
अभय मिश्रा ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हर बार घटना के बाद एक-दो कर्मचारियों को 4 दिन के लिए हटाकर दिखावा किया जाता है और फिर चुपचाप उन्हें वापस बुला लिया जाता है। यह कार्रवाई नहीं, बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। उन्होंने मांग की कि दोषी डॉक्टरों और जिम्मेदार अधिकारियों पर स्थायी और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पत्रकार वार्ता के दौरान सेमरिया विधायक ने दावा किया कि उन्होंने रीवा की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा विधानसभा में कई बार प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने सदन में अस्पताल की अव्यवस्थाओं, डॉक्टरों की कमी और लापरवाही को लेकर सरकार को चेताया भी था। लेकिन सरकार ने इस गंभीर विषय को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका नतीजा आज एक और मां और उसके मासूम बच्चे को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा है।
भाजपा सरकार पर तीखा हमला
विधायक मिश्रा ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा पर ध्यान देने के बजाय सिर्फ प्रचार-प्रसार में लगी है। गरीब आदमी सरकारी अस्पताल पर भरोसा करता है, लेकिन वहां उसे इलाज के बजाय लापरवाही मिलती है। यह बेहद चिंताजनक है।
