
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (वार्ता) सरकारी क्षेत्र के केनरा बैंक, यूनियन बैंक और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा के मामले में राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है। तीनों इकाइयों ने शनिवार को मीडिया को जारी अलग-अलग बयानों में कहा है कि उन्होंने 6.25 करोड़ रुपये के पुनर्भुगतान के श्री चंद्रा के प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया था, लेकिन निजी ऋणदाताओं के समर्थन के कारण एनसीएलटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। केनरा बैंक ने बताया कि ऋणदाताओं की समिति में निजी संस्थानों के पास 80.81 प्रतिशत वोट थे।
केनरा बैंक, यूनियन बैंक और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने कहा है कि वे इस आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) में तत्काल अपील करेंगे। उल्लेखनीय है कि एनसीएलटी में श्री चंद्रा के खिलाफ ऋणदाताओं के 22,006.57 करोड़ रुपये के दावे आये थे। इनमें दो तरह के मामले शामिल थे – एक जिनमें उन्होंने स्वयं कर्ज लिए थे और दूसरे जिनमें कंपनियों द्वारा लिये गये कर्ज में उन्होंने निजी गारंटी दी थी। श्री चंद्रा ने निजी ऋण के मामलों में 6.25 करोड़ रुपये के पुनर्भुगतान का प्रस्ताव दिया जिसे ऋणदाताओं की समिति की मंजूरी मिल गयी। एनसीएलटी के इस फैसले पर काफी विवाद हुआ। विशेष रूप से चर्चा इस बात पर भी हो रही है कि निजी ऋणदाताओं में कई कंपनियां श्री चंद्रा से सीधे संबद्ध हैं और इसलिए उन्हें समाधान प्रस्ताव पर मतदान का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिये था।
