
ग्वालियर। सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों में बरती जाने वाली लापरवाही को लेकर नगर निगम प्रशासन ने पूरी तरह सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। आयुक्त अभिषेक चौधरी ने जनकार्य विभाग के अधीक्षण यंत्रियों, कार्यपालन यंत्रियों, सहायक यंत्रियों और उपयंत्रियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब शहर में जहां भी नई सड़क का निर्माण होगा, संबंधित अधिकारी टेस्टिंग उपकरणों के साथ मौके पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे।
उच्च न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन
आयुक्त ने उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का हवाला देते हुए निगम के सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत शहर में होने वाले सड़क निर्माण, पुनर्चक्रण (पुनर्निर्माण) और पैच-रिपेयर के सभी कार्य तय तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही पूरे किए जाने हैं। यदि किसी भी स्तर पर न्यायालय के आदेशों के पालन में लापरवाही या निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सामग्री की गुणवत्ता और ऑनलाइन मॉनिटरिंग
निगम आयुक्त ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री उच्च गुणवत्ता की हो और विभागीय एसओआर नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो। मौके पर मौजूद रहने वाले अफसरों के अलावा, तकनीकी अधिकारी इन सभी चल रहे विकास कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी करेंगे।
दो दिन के भीतर मांगी गई स्थल-वार सूची
सड़क सुधार और निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए आयुक्त ने आदेश दिए हैं कि नगर निगम के जिन क्षेत्रों या वार्डों में वर्तमान में नवीन सड़क निर्माण, पुनर्निर्माण या अतिआवश्यक पैच-वर्क रिपेयर की आवश्यकता है, उन सभी कार्यों की स्थल-वार सूची दो दिनों के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही, इन सभी प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेजों को भी पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
