भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग के समन्वय एवं जन साहस संस्था के सहयोग से होटल पलाश में महिलाओं की सुरक्षा एवं न्याय विषय पर राज्य स्तरीय रणनीतिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में महिलाओं एवं बच्चों के प्रति होने वाली हिंसा एवं अपराधों की रोकथाम, पीडि़त-केंद्रित दृष्टिकोण, चिकित्सकीय-विधिक सहायता, पुलिस एवं समुदाय के बीच समन्वय, विधिक सहायता, पुनर्वास एवं पुनर्समावेशन पर विशेषज्ञों द्वारा विचार विमर्श किया गया. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर सुमन श्रीवास्तव ने कहा कि अपने अधिकारों की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति के आत्मविश्वास एवं सशक्तिकरण का आधार है. महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहते हुए विपरीत परिस्थितियों में उपलब्ध विधिक सहायता एवं संस्थागत तंत्र का निर्भीक होकर लाभ उठाना चाहिए. उन्होंने पीडि़त-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया. विशिष्ट अतिथि न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुनीत अग्रवाल ने कहा कि आर्थिक अथवा सामाजिक परिस्थितियां किसी भी व्यक्ति के लिए न्याय प्राप्त करने में बाधक नहीं बननी चाहिए. विधिक सेवा संस्थाओं का उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय एवं विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है. सत्र में मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव, सामुदायिक पुलिसिंग के उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ. विनीत कपूर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश की संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी तथा सहायक जिला अभियोजन अधिकारी डॉ. मनीषा पटेल सहित विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे.
