
नीमच/मंदसौर। भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि का उदय 28 अगस्त को होने के कारण इसी दिन रक्षाबंधन मनाना शास्त्रसम्मत माना गया है। खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। वहीं पूर्णिमा पर होने वाला चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने के कारण इसका भी पर्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
27 अगस्त से शुरू होगी भद्रा
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश उपाध्याय के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह 9:08 बजे प्रारंभ होगी। इसके साथ ही भद्रा शुरू होकर रात 9:32 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा काल के दौरान रक्षासूत्र बांधना शुभ नहीं माना जाता। इसके बाद 28 अगस्त को उदया तिथि में पूर्णिमा रहने से रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।
सुबह 5:47 बजे से राखी बांधने का शुभ समय
28 अगस्त को सुबह 5:47 बजे से राखी बांधने का शुभ मुहूर्त प्रारंभ होगा। इसके अलावा दोपहर 11:44 बजे से 12:35 बजे तक 51 मिनट का अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस दौरान राखी बांधना विशेष शुभ माना गया है।
रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर आरती करेंगी और उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी। भाई भी बहनों की रक्षा, सुख और समृद्धि का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार देंगे।
चंद्रग्रहण का भी नहीं होगा असर
पूर्णिमा तिथि पर चंद्रग्रहण भी होगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देने पर वहां सामान्यत: सूतक आदि की गणना नहीं की जाती। ऐसे में रक्षाबंधन के पर्व पर चंद्रग्रहण का कोई प्रभाव नहीं रहेगा और लोग सामान्य रूप से पूजा-पाठ एवं राखी बांधने के कार्यक्रम कर सकेंगे।
