समय श्रीलंका ने आखिरी दिन अपनी दूसरी पारी में 9 विकेट पर 429 रन बनाए। दिनूषा की नाबाद 133 रन की पारी इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही। उनके शतक की बदौलत श्रीलंका की बढ़त 216 रन तक पहुंच गई। जब श्रीलंका का स्कोर 9 विकेट पर 429 रन था, तब मैच में सिर्फ 17 ओवर का खेल बाकी था। ऐसे में दोनों टीमों ने आपसी सहमति से मुकाबला ड्रॉ कराने का फैसला किया।भारत को आखिरी दिन सिर्फ 3 विकेटचौथे दिन स्टंप्स तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 229 रन बनाए थे। उस समय श्रीलंका की बढ़त सिर्फ 16 रन थी। भारत को मैच जीतने के लिए आखिरी दिन 4 विकेट की जरूरत थी।
हालांकि, भारतीय गेंदबाज श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्दी आउट नहीं कर सके। आखिरी दिन 81.2 ओवर के खेल में भारत को सिर्फ 3 विकेट मिले। श्रीलंका ने इस दौरान 200 रन और जोड़ दिए और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया| गौरतलब है कि भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की थी। टीम ने 9 विकेट पर 503 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर खत्म हुई। भारत को पहली पारी में 213 रन की बढ़त मिली। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका को फॉलोऑन देने का फैसला किया। श्रीलंका ने दूसरी पारी में शानदार वापसी की और आखिरी दिन 9 विकेट पर 429 रन बनाकर मुकाबला बचा लिया। दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों में मनव सुथार और रवींद्र जडेजा सबसे सफल रहे। दोनों ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। इनके अलावा मोहम्मद सिराज, सारांश जैन और प्रसिद्ध कृष्णा को 1-1 विकेट मिला।

