
सारनी। क्षेत्र में दुर्घटना होने पर न पोस्टमार्टम की सुविधा, न रात में एमएलसी की सुविधा होने से पीड़ित परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पाटाखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर पीड़ितों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग पर उठ रहे है गंभीर सवाल। सारनी के पाटाखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कभी क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का केंद्र रहा यह अस्पताल अब मूलभूत सेवाओं की कमी और बदहाली के आरोपों से घिर गया है। सबसे गंभीर स्थिति पोस्टमार्टम और रात के समय मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) की सुविधा को लेकर सामने आ रही है।
सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई है कि पहले स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब यह व्यवस्था बंद होने से दुर्घटना अथवा अप्रिय घटना में मृत व्यक्ति के शव को लेकर परिजनों को घोड़ाडोंगरी जाना पड़ता है। दुख की घड़ी में शव को दूर ले जाने से परिवारों को मानसिक पीड़ा के साथ अतिरिक्त आर्थिक भार भी उठाना पड़ रहा है।
वहीं, रात के समय दुर्घटना, मारपीट या अन्य मेडिकल लीगल मामलों में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकीय परीक्षण और एमएलसी के लिए परेशान होना पड़ता है। आरोप है कि रात में अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
अस्पताल परिसर की स्थिति भी सवाल खड़े कर रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर का बोर्ड लगा होने के बावजूद परिसर का पिछला हिस्सा झाड़ियों और खंडहरनुमा स्थिति में दिखाई देता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सरकार ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा कर रही है, तो पाटाखेड़ा की जनता को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि रात में स्वास्थ्य केंद्र में ताला लग रहता है। रहवासियों का कहना है कि क्या बीमारी दिन में ही आती है रात में मरीजों को लेकर काफी परेशानियां होती आ रही है।क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पोस्टमार्टम सुविधा पुनः शुरू कराने, रात में चिकित्सकीय एवं एमएलसी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई एवं आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
इनका कहना है कि
यह मामला आपके द्वारा मेरे संज्ञान में लाया गया है। आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रकरण पर तत्परता से संज्ञान लिया जाएगा और समस्याओं के निवारण हेतु त्वरित ठोस कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रवि अधिकारी, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी
