मुंबई, (वार्ता) महाराष्ट्र के पालघर जिले की मोखाडा पुलिस ने 22 महिलाओं के खिलाफ एक 18 साल के छात्र को ईसाई धर्म अपनाने के लिए मनाने की कोशिश करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह मामला 21 अगस्त को मोखाडा तालुका के वाकडपाडा गांव में हुई एक घटना से जुड़ा है।
पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं छात्र के घर गईं। वहां उनमें से एक महिला, जिसकी पहचान ठाणे जिले के उल्हासनगर की रहने वाली सत्यवती बालकृष्ण कुंचे (46) के तौर पर हुई है, ने कथित तौर पर उसे धार्मिक किताबें दीं, जिनमें ‘न्यू टेस्टामेंट’ भी शामिल थी।
पुलिस ने बताया कि कुंचे ने कथित तौर पर छात्र से कहा कि इन किताबों को पढ़ने से बीमारियां ठीक हो सकती हैं और लोग बीमारियों से बच सकते हैं।
छात्र ने किताबें लेने से इनकार कर दिया और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। बाद में मिलिंद जोले समेत कुछ ग्रामीणों ने उस समूह को रोक लिया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुंचे ने हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक रीति-रिवाजों के खिलाफ बातें कहीं और छात्र से कहा कि वह उनकी पूजा करना बंद कर दे और ईसाई धर्म अपना ले।
पुलिस ने कुंचे और स्थानीय निवासी कुसुम शिवराम कांबडी को मुख्य आरोपी बनाया है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि कुछ महिलाएं हैदराबाद से आई थीं और कांबडी के संपर्कों के जरिए वाकडपाडा पहुंची थीं।
यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 और 3(5) के तहत दर्ज की गई है। धारा 299 धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कार्यों से संबंधित है, जबकि धारा 3(5) कई लोगों द्वारा समान इरादे से किए गए कार्यों से संबंधित है।
अधिकारी ने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हैदराबाद से आई महिलाओं को जाने दिया गया, लेकिन उनसे जांच में सहयोग करने को कहा गया है।
पुलिस शिकायतकर्ता और उन अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है जो इस समूह के संपर्क में आए थे।
वे महिलाओं की यात्रा की जानकारी, स्थानीय संपर्कों और उनके यहां आने के कारण की भी जांच कर रहे हैं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026’ लागू होने वाला है।
पुलिस ने कहा कि आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।
