
इससे एईएसएल के पोर्टफोलियो में 562 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाइनें और 9,000 मेगावाट एम्पियर ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जुड़ जायेगी। इसके बाद एईएसएल का कुल पारेषण नेटवर्क 29,739 सर्किट किलोमीटर और ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,43,425 मेगावाट एस्पियर हो जायेगी।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंदर्प पटेल ने कहा कि पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं देश के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में उभर रही हैं। ये बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड में एकीकृत करने के लिए आवश्यक लचीलापन और विश्वसनीयता प्रदान करती हैं। सातारा ट्रांसमिशन परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी और ऊर्जा भंडारण की तैनाती, दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण पारेषण आधार तैयार करेगी तथा दक्षिणी और पश्चिमी भारत के बीच बिजली के प्रवाह को मजबूत करेगी।
इस परियोजना में सातारा में 765/400 केवी सबस्टेशन की स्थापना, कोल्हापुर-सातारा 765 केवी डबल-सर्किट पारेषण लाइन तथा संबंधित ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कोल्हापुर पूलिंग स्टेशन का विस्तार शामिल है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने साल 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
